Report by: Ravindra Singh
Magarload : छत्तीसगढ़ के मगरलोड पुलिस प्रशासन ने अवैध नशीले पदार्थों के खिलाफ अपनी सक्रियता दिखाते हुए भारी मात्रा में कच्ची शराब जब्त की है। पुलिस ने मुखबिर तंत्र की सूचना पर ग्राम बेलोरा में छापेमारी करते हुए एक महिला आरोपी को गिरफ्तार किया है। हालांकि, इस कार्रवाई के बाद स्थानीय स्तर पर पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर मिश्रित प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
Magarload घर के भीतर चल रहा था अवैध शराब का कारोबार
पुलिस विभाग को लंबे समय से क्षेत्र में कच्ची शराब की बिक्री की सूचना मिल रही थी। पुख्ता जानकारी के आधार पर पुलिस टीम ने ग्राम बेलोरा निवासी 40 वर्षीय चमेली साहू के घर पर अचानक दबिश दी। तलाशी के दौरान पुलिस को घर के भीतर से 12 लीटर कच्ची महुआ शराब बरामद हुई। पुलिस के अनुसार, आरोपी महिला ने इस खेप को बेचने के इरादे से छिपा कर रखा था। जब्त की गई शराब की बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 2,400 रुपये बताई गई है।
Magarload आबकारी एक्ट के तहत गंभीर धाराओं में मामला दर्ज
अवैध शराब की जब्ती के बाद पुलिस ने आरोपी चमेली साहू को हिरासत में ले लिया। पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, आरोपी के विरुद्ध आबकारी एक्ट की धारा 34(2) के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया है। यह धारा गैर-जमानती प्रकृति की होती है, जिसके चलते आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि नशीले पदार्थों के अवैध व्यापार पर अंकुश लगाने के लिए उनकी ओर से लगातार इस तरह के अभियान चलाए जाते रहेंगे।
Magarload पुलिस की कार्रवाई पर जनता के सवाल और असंतोष
एक ओर जहाँ पुलिस इस गिरफ्तारी को अपनी बड़ी सफलता मान रही है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय ग्रामीणों में असंतोष की लहर भी देखी जा रही है। इलाके के प्रबुद्ध नागरिकों का आरोप है कि पुलिस केवल छोटे विक्रेताओं को पकड़कर औपचारिकता पूरी कर रही है। लोगों का कहना है कि थाने के कुछ ही दूरी पर नशे का बड़ा कारोबार बेखौफ चल रहा है, जिस पर पुलिस हाथ डालने से बच रही है। स्थानीय निवासियों ने मांग की है कि केवल ‘छोटी कार्रवाई’ से वाहवाही लूटने के बजाय पुलिस को उन बड़े सिंडिकेट और माफियाओं पर प्रहार करना चाहिए जो समाज में नशे का जहर घोल रहे हैं।
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