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By: Yogendra Singh

Madhya Pradesh : सरकार ने कर्मचारियों और सामाजिक कल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में परिवार पेंशन नियमों में बदलाव, जनजातीय एवं महिला-बाल विकास योजनाओं के विस्तार और आगामी बजट प्रस्तावों पर अहम मुहर लगाई गई। इन फैसलों से प्रदेश के लाखों परिवारों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

तलाकशुदा बेटियों को परिवार पेंशन का लाभ

Madhya Pradesh कैबिनेट ने राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) से जुड़े कर्मचारियों के लिए बड़ा राहतभरा निर्णय लिया है। अब वर्ष 2005 के बाद नियुक्त शासकीय कर्मचारियों की तलाकशुदा बेटियां भी परिवार पेंशन की पात्र होंगी। इससे पहले यह सुविधा केवल 2005 से पूर्व नियुक्त कर्मचारियों के परिवारों तक सीमित थी।
सरकार का अनुमान है कि इस बदलाव से तीन लाख से अधिक कर्मचारियों के आश्रितों को लाभ मिलेगा। मंत्रिपरिषद ने मध्यप्रदेश सिविल सेवा (राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली कार्यान्वयन) नियम 2026 तथा उपदान संदाय नियम 2026 को स्वीकृति दी है। ये नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे। नियमों के प्रकाशन की जिम्मेदारी वित्त विभाग को सौंपी गई है।

न्यायालयीन कर्मचारियों को आयु सीमा में राहत

Madhya Pradesh बैठक में उच्च न्यायालय और जिला न्यायालय के आईटी संवर्ग में कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटरों को एकमुश्त आयु सीमा में छूट देने का भी निर्णय लिया गया। तकनीकी पदों पर भर्ती में भाग लेने के लिए इन्हें अधिकतम आयु सीमा में 5 वर्ष की छूट दी जाएगी। वर्तमान में सामान्य वर्ग के लिए अधिकतम आयु 40 वर्ष और आरक्षित वर्ग के लिए 45 वर्ष निर्धारित है। इस फैसले से लंबे समय से कार्यरत कर्मचारियों को नई संभावनाएं मिलेंगी।

जनजातीय और महिला-बाल विकास योजनाओं को 7,133 करोड़

Madhya Pradesh मंत्रिपरिषद ने वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जनजातीय कार्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं के संचालन के लिए 7,133.17 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है।
जनजातीय विभाग के अंतर्गत पीवीटीजी आहार अनुदान योजना, एकीकृत छात्रावास योजना, सीएम राइज स्कूल योजना, आवास सहायता और छात्रवृत्ति-शुल्क प्रतिपूर्ति योजनाएं जारी रहेंगी। वहीं महिला एवं बाल विकास विभाग के तहत मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल सेवा योजना को भी आगे बढ़ाया जाएगा।

धरती आबा अभियान और बजट प्रस्तुति

Madhya Pradesh धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत 63 हजार से अधिक घरों और 650 शासकीय संस्थानों के विद्युतीकरण के लिए 366 करोड़ रुपये से अधिक की मंजूरी दी गई है। साथ ही हजारों घरों को ऑफ-ग्रिड सोलर प्रणाली से जोड़ने की योजना है।
बैठक में 2026-27 के बजट प्रस्तावों को भी अंतिम रूप दिया गया। यह बजट 18 फरवरी को विधानसभा में प्रस्तुत किया जाएगा, जिसमें इन निर्णयों की विस्तृत झलक देखने को मिलेगी।

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