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गर्भपात कराकर साक्ष्यों को मिटाने की कोशिश

By: Ishu Kumar

Lucknow : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक रूह कंपा देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक शिक्षक ने रक्षक की जगह भक्षक की भूमिका निभाई। सुशांत गोल्फ सिटी थाना क्षेत्र में एक ट्यूशन पढ़ाने वाले शिक्षक पर अपनी 13 वर्षीय नाबालिग छात्रा के साथ लगातार यौन शोषण करने और बाद में उसका जबरन गर्भपात कराने का गंभीर आरोप लगा है। इस घटना ने शिक्षा जगत और अभिभावकों के बीच सुरक्षा को लेकर एक बड़ी बहस छेड़ दी है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है।

विश्वास का कत्ल: शिक्षा की आड़ में 20 दिनों तक चला शोषण

Lucknow घटना का विवरण देते हुए पीड़ित परिवार ने बताया कि आरोपी वीर सिंह, जो बच्ची को घर पर ट्यूशन पढ़ाता था, ने विश्वास के रिश्ते का फायदा उठाया। पिछले 20 दिनों के भीतर आरोपी ने डरा-धमकाकर दलित समुदाय से ताल्लुक रखने वाली इस मासूम छात्रा के साथ कई बार दुष्कर्म किया।

आरोपी ने बच्ची को इस कदर आतंकित कर रखा था कि उसने घर पर किसी को कुछ भी बताने की हिम्मत नहीं जुटाई। इस निरंतर शोषण के कारण नाबालिग गर्भवती हो गई। अपनी करतूत पकड़े जाने के डर से आरोपी ने किसी को बताए बिना छात्रा का जबरन गर्भपात भी करा दिया, जो कि न केवल एक अपराध है बल्कि बच्ची की जान के लिए भी बड़ा खतरा था।

शारीरिक पीड़ा और मां का साहस: ऐसे सामने आया सच

Lucknow जबरन कराए गए गर्भपात के बाद नाबालिग की स्थिति अत्यंत नाजुक हो गई। उसे असहनीय शारीरिक कष्ट और मानसिक प्रताड़ना से गुजरना पड़ा। जब बच्ची की मां ने उसकी गिरती सेहत और असामान्य व्यवहार को देखा, तो कड़ाई से पूछताछ की।

अत्यधिक दर्द और डर के बीच बच्ची फूट-फूट कर रोने लगी और उसने शिक्षक की सारी काली करतूतों का कच्चा चिट्ठा अपनी मां के सामने खोल दिया। शिक्षक की इस घिनौनी हरकत को सुनकर परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। बिना समय गंवाए, परिवार ने पुलिस प्रशासन का दरवाजा खटखटाया और न्याय की मांग की।

कानूनी कार्रवाई: पॉक्सो और एससी-एसटी एक्ट के तहत सख्त शिकंजा

Lucknow मामले की संवेदनशीलता और पीड़िता की उम्र को देखते हुए पुलिस उपायुक्त (DCP) ने तत्काल संज्ञान लिया। सुशांत गोल्फ सिटी थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी वीर सिंह के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की गंभीर धाराओं के साथ-साथ पॉक्सो (POCSO) एक्ट और एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है।

पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए आरोपी शिक्षक को उसके ठिकाने से गिरफ्तार कर लिया। प्राथमिक जांच और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर साक्ष्य जुटाए गए हैं, जिसके बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि मामले की पैरवी फास्ट-ट्रैक मोड पर की जाएगी ताकि पीड़िता को जल्द से जल्द न्याय मिल सके।

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