Kochi : केरल के ऐतिहासिक पर्यटन स्थल फोर्ट कोच्चि में सुरक्षा नियमों के उल्लंघन का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ के प्रतिबंधित सैन्य क्षेत्र (रेड जोन) में बिना अनुमति के ड्रोन उड़ाने के आरोप में दो अमेरिकी नागरिकों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पकड़े गए पर्यटकों की पहचान कैलिफोर्निया के रहने वाले केटी मिशेल फेल्प्स (32) और क्रिस्टोफर रॉस हार्वे (35) के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके पास से ड्रोन और एक लैपटॉप बरामद किया है।
संवेदनशील सैन्य प्रतिष्ठानों की विजुअल रिकॉर्डिंग का मामला
Kochi यह घटना शनिवार सुबह की है, जब चिल्ड्रन्स पार्क और चैरियट जंक्शन के समीप स्थित ‘रेड जोन’ में एक ड्रोन उड़ता देखा गया। एफआईआर के मुताबिक, आरोपियों ने इस हाई-सिक्योरिटी इलाके में स्थित आईएनएस द्रोणाचार्य और तटरक्षक बल (कोस्ट गार्ड) मुख्यालय जैसे अत्यंत संवेदनशील सैन्य ठिकानों के विजुअल रिकॉर्ड किए। भारतीय नौसेना के इन केंद्रों की सुरक्षा के मद्देनजर इस क्षेत्र को पूरी तरह प्रतिबंधित घोषित किया गया है, जहाँ किसी भी प्रकार की फोटोग्राफी या वीडियोग्राफी कानूनन अपराध है।
कानूनी कार्रवाई: भारतीय न्याय संहिता और एयरक्राफ्ट एक्ट के तहत केस
Kochi स्थानीय पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए दोनों पर्यटकों को हिरासत में लिया। उनके विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS), एयरक्राफ्ट एक्ट और ड्रोन नियमों के उल्लंघन की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। प्रारंभिक पूछताछ के बाद पुलिस ने आरोपियों को नोटिस जारी कर फिलहाल रिहा कर दिया है, लेकिन उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि वे जांच पूरी होने तक पुलिस के साथ सहयोग करें और जरूरत पड़ने पर थाने में उपस्थिति दर्ज कराएं। जांच अधिकारी अब जब्त किए गए लैपटॉप और ड्रोन के फुटेज की बारीकी से जांच कर रहे हैं।
फोर्ट कोच्चि में बार-बार होती सुरक्षा चूक और सख्त नियम
Kochi फोर्ट कोच्चि अपनी वैश्विक लोकप्रियता के कारण विदेशी पर्यटकों का केंद्र है, लेकिन साथ ही यह सामरिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण है। यहाँ नौसेना और तटरक्षक बल के प्रमुख प्रतिष्ठान होने के कारण सुरक्षा एजेंसियां हमेशा हाई अलर्ट पर रहती हैं। यह पहली बार नहीं है जब किसी पर्यटक ने अनजाने में या जानबूझकर नियमों का उल्लंघन किया हो; इससे पहले भी कई बार विदेशी नागरिकों द्वारा प्रतिबंधित क्षेत्रों में फोटोग्राफी करने के मामले सामने आ चुके हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ‘नो-फ्लाई जोन’ में किसी भी प्रकार का उल्लंघन राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा माना जाएगा और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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