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Killing: पिता की शिकायत पर आजीवन कारावास

ग्वालियर में एक विवादित और दर्दनाक घटना सामने आई, जहां एक महिला ने प्रेम प्रसंग के चलते अपने 3.5 वर्षीय बेटे को दो मंजिला छत से नीचे फेंककर हत्या कर दी। शुरुआत में महिला ने इसे सामान्य घटना बताया और बच्चे का अंतिम संस्कार कर दिया।

Killing: आत्मग्लानि और रातों के बुरे सपने

हत्या के बाद महिला की नींद उड़ गई और उसे बार-बार सपनों में काले सांप दिखाई देने लगे।

आठ दिन बाद आत्मग्लानि से ग्रसित होकर उसने अपने पति को सच बता दिया।

पति को इस बात का पता चला कि उनका बेटा दुर्घटना नहीं बल्कि जानबूझकर मारा गया था।

Killing: पिता ने जुटाए साक्ष्य और दर्ज कराई शिकायत

ध्यान सिंह, मृतक शनी के पिता, ने डेढ़ माह तक ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग और अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्य जुटाए।

इसके बाद उन्होंने थाटीपुर थाने में पत्नी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया।

मामले में प्रेम प्रसंग में शामिल पड़ोसी उदय इंदोरिया को भी सह-आरोपी बनाया गया।

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न्यायालय ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा

प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सथिर अली ने परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर ज्योति राठौर को दोषी ठहराया और उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

इस सजा से पिता को बेटे की हत्या के लिए न्याय मिलने का सुकून मिला।

घटना का पृष्ठभूमि और कारण

ज्योति राठौर और पड़ोसी उदय इंदोरिया के बीच प्रेम प्रसंग था।

महिला ने डर और अपने प्रेम प्रसंग की रक्षा के लिए अपने छोटे बेटे को मार डाला।

पिता ध्यान सिंह ने बताया कि उनके पास दो बेटे थे और प्रेम प्रसंग में बाधा बन रहे छोटे बेटे जतिन (शनी) को पत्नी ने जानबूझकर हत्या कर दी।

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