Katihar Mahotsav 2026Katihar Mahotsav 2026
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Report by: Manoj Kumar

Katihar Mahotsav 2026 : बिहार दिवस के गौरवमयी अवसर पर ‘कटिहार महोत्सव 2026’ का आयोजन पूरे उत्साह और भव्यता के साथ संपन्न हुआ। 22 और 23 मार्च को आयोजित इस दो दिवसीय उत्सव ने जिले की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान को एक नया मंच प्रदान किया। जिला प्रशासन द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम ने न केवल स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका दिया, बल्कि आधुनिकता और परंपरा के अद्भुत मेल से नई पीढ़ी को अपनी जड़ों की ओर लौटने का संदेश भी दिया।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों और कला का अद्भुत प्रदर्शन

Katihar Mahotsav 2026 महोत्सव का मुख्य केंद्र बी० एस० ए० पी०-07 (BSAP-07) परिसर रहा, जहाँ सुर और ताल की गूंज दो दिनों तक बनी रही। कार्यक्रम का उद्घाटन बिहार की पारंपरिक लोक कलाओं और गीतों के साथ हुआ। कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों के जरिए कटिहार की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को जीवंत कर दिया।

महोत्सव में लोक नृत्य, शास्त्रीय संगीत और सूफी गायन की जुगलबंदी ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। स्थानीय शिल्पकारों और चित्रकारों के लिए भी विशेष दीर्घा बनाई गई थी, जहाँ कटिहार की कलाकृतियों को प्रदर्शित किया गया। यह आयोजन वास्तव में सांस्कृतिक विरासत को संहेजने और उसे वैश्विक पहचान दिलाने का एक सफल प्रयास रहा।

खेल प्रतियोगिताएं और युवा ऊर्जा का संचार

Katihar Mahotsav 2026 सांस्कृतिक शामों के अलावा, महोत्सव के दौरान दिन के समय विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इन प्रतियोगिताओं में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कबड्डी, एथलेटिक्स और फुटबॉल जैसे खेलों के माध्यम से खेल भावना को बढ़ावा दिया गया।

विजेता खिलाड़ियों को जिला प्रशासन द्वारा सम्मानित भी किया गया। अधिकारियों का कहना था कि महोत्सव में खेलों को शामिल करने का उद्देश्य युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देना और उन्हें स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करना है। खेल मैदान में दर्शकों का उत्साह देखते ही बनता था, जो अपनी स्थानीय टीमों का मनोबल बढ़ा रहे थे।

सामाजिक जागरूकता और जन-भागीदारी

Katihar Mahotsav 2026 केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसे सामाजिक चेतना के मंच के रूप में भी उपयोग किया गया। जिला प्रशासन ने विभिन्न विभागों के माध्यम से स्टॉल लगाए थे, जहाँ सरकारी योजनाओं, स्वास्थ्य सेवाओं और स्वच्छता अभियान के प्रति लोगों को जागरूक किया गया।

नशामुक्ति, जल संरक्षण और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर नुक्कड़ नाटकों और जागरूकता अभियानों की श्रृंखला चलाई गई। महोत्सव के समापन पर प्रशासन ने उन स्वयंसेवकों और संगठनों को सम्मानित किया जिन्होंने जिले के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। सामूहिक प्रयासों और भारी जन-भागीदारी ने इस महोत्सव को यादगार बना दिया।

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