Report by: Manoj Kumar
Katihar : बिहार के कटिहार रेलवे स्टेशन पर उस वक्त सुरक्षा व्यवस्था और पुलिसिया समन्वय की धज्जियां उड़ गईं, जब शराब तस्करों को पकड़ने पहुंची मद्य निषेध विभाग की टीम और रेल पुलिस (GRP) के जवान आपस में ही भिड़ गए। यह विवाद महज कहासुनी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बात खूनी संघर्ष तक पहुँच गई, जिसमें मद्य निषेध विभाग का एक जवान गंभीर रूप से घायल हो गया है।

खुफिया सूचना पर छापेमारी और विवाद की शुरुआत
Katihar घटना के पीछे का मुख्य कारण शराब तस्करी के खिलाफ की जा रही कार्रवाई थी। मद्य निषेध विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि पश्चिम बंगाल के रास्ते आने वाली हाटे बाजारे एक्सप्रेस के जरिए भारी मात्रा में शराब की खेप कटिहार लाई जा रही है। इसी सूचना के आधार पर विभाग की टीम ने स्टेशन पर जाल बिछाया था।
जैसे ही टीम ने अपना ऑपरेशन शुरू किया, वहां मौजूद GRP के जवानों के साथ उनका विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते दोनों पक्षों में हाथापाई होने लगी और स्टेशन परिसर रणक्षेत्र में तब्दील हो गया।
GRP पर गंभीर आरोप: ऑपरेशन में बाधा और मारपीट
Katihar मद्य निषेध विभाग के अधिकारियों ने रेल पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि GRP के जवान जानबूझकर उनकी कार्रवाई में हस्तक्षेप कर रहे थे। विभाग का दावा है कि तस्करों को पकड़ने के बजाय GRP ने उन्हीं की टीम को निशाना बनाया।
इस हिंसक झड़प में मद्य निषेध विभाग का एक सिपाही बुरी तरह जख्मी हो गया है। बताया जा रहा है कि GRP जवानों द्वारा की गई पिटाई से उसे गंभीर चोटें आई हैं। घायल सिपाही को आनन-फानन में कटिहार सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उसकी स्थिति पर डॉक्टर नजर बनाए हुए हैं।
कानून व्यवस्था और समन्वय पर बड़े सवाल
Katihar इस घटना ने बिहार में ‘शराबबंदी कानून’ को लागू करने वाली विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल की कमी को उजागर कर दिया है। जब रक्षक ही आपस में दुश्मन की तरह व्यवहार करने लगें, तो अपराधियों के हौसले बुलंद होना स्वाभाविक है। स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों के बीच यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि क्या यह महज एक विवाद था या इसके पीछे कोई गहरी रंजिश या मिलीभगत है।
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