Report by: Manoj Kumar
Katihar : बिहार के कटिहार जिले में पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय साइबर धोखाधड़ी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इस ऑपरेशन में लगभग 2 करोड़ रुपये के अवैध लेनदेन का खुलासा हुआ है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस सिंडिकेट के मुख्य चेहरों सहित कुल 6 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें दो चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) और एक बैंक मैनेजर भी शामिल हैं। यह गिरोह बैंकिंग प्रणाली की कमियों का फायदा उठाकर करोड़ों के वारे-न्यारे कर रहा था।

‘ऑपरेशन हिट 2.0’ के तहत बड़ी कामयाबी
Katihar यह पूरी कार्रवाई बिहार इकोनॉमिक साइबर यूनिट द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन हिट 2.0” के अंतर्गत की गई। साइबर सेल और स्थानीय पुलिस की संयुक्त जांच में म्यूनिसिपल और रिटायर्ड बैंक खातों के माध्यम से किए जा रहे अवैध वित्तीय परिवहन (Money Trail) का पता चला। जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि यह नेटवर्क कई फर्जी शेल कंपनियों और बैंक खातों का उपयोग कर रहा था।
श्वेतपोश अपराधियों की मिलीभगत
Katihar गिरफ्तार आरोपियों में चार्टर्ड अकाउंटेंट निशांत अग्रवाल और रवि शंकर शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, इन दोनों ने साइबर फाइनेंस कंपनियों के साथ मिलकर जटिल दस्तावेजी जाल बुना था। इनके माध्यम से करीब 50 लाख 69 हजार रुपये की अवैध हेराफेरी की पुष्टि हुई है।
हैरानी की बात यह है कि खुद को कानून की पकड़ से बचाने के लिए आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने और साक्ष्य मिटाने की भी कोशिश की। पुलिस ने इनके पास से चेकबुक, मोबाइल और फर्जी मुहरें बरामद की हैं, जिनका उपयोग बैंक रिकॉर्ड में हेरफेर के लिए किया जाता था।
फर्जी खातों के जरिए ₹1.71 करोड़ का ट्रांजेक्शन
Katihar मामले के दूसरे पहलू में पुलिस ने खाताधारक कैलाश प्रसाद साह, रिंकू कुमार, राजेश कुमार मिश्रा और बैंक संचालक कौशल कुमार को दबोचा है। इन पर आरोप है कि इन्होंने आपसी मिलीभगत से 1 करोड़ 71 लाख रुपये का अवैध ट्रांजेक्शन किया।
जांच का दायरा: अब तक की पड़ताल में कुल 26 फर्जी बैंक खातों की पहचान की जा चुकी है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इन खातों का उपयोग देश के अलग-अलग हिस्सों से ठगी गई राशि को ठिकाने लगाने के लिए किया जा रहा था।
सावधानी ही बचाव: पुलिस की अपील
Katihar साइबर विशेषज्ञों ने इस मामले के बाद आम जनता के लिए चेतावनी जारी की है। पुलिस ने अपील की है कि:
- अपना बैंक खाता या ओटीपी (OTP) किसी भी अजनबी के साथ साझा न करें।
- किसी को भी अपना खाता ‘किराये’ पर चलाने या वित्तीय लेनदेन के लिए उपयोग न करने दें।
- संदिग्ध कॉल या मैसेज आने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन पर रिपोर्ट करें।
वर्तमान में सभी आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है और उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में इस रैकेट से जुड़े कई और रसूखदार नाम सामने आ सकते हैं।
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