Report by: Ratan Kumar
Jamtara : झारखंड में पारा चढ़ने के साथ ही पेयजल का संकट गहराने लगा है। जामताड़ा जिला प्रशासन ने इस समस्या से निपटने के लिए कमर कस ली है। इसी कड़ी में शुक्रवार को एसडीओ अनंत कुमार ने सुपायडीह पंचायत का सघन दौरा किया। उन्होंने चिलचिलाती धूप में पैदल भ्रमण कर गांव की पेयजल व्यवस्था की हकीकत जानी और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए।
Jamtara पेयजल समस्या निवारण पखवाड़ा: 9 से 18 अप्रैल तक विशेष अभियान
जिले में पेयजल संकट के स्थायी और त्वरित समाधान के लिए प्रशासन द्वारा 9 अप्रैल से 18 अप्रैल तक ‘पेयजल समस्या निवारण पखवाड़ा’ चलाया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य गर्मी के चरम पर पहुँचने से पहले ग्रामीण क्षेत्रों में खराब पड़े जल स्रोतों को दुरुस्त करना है। एसडीओ ने बताया कि इस 10 दिवसीय अभियान के दौरान विशेष टीमें गांव-गांव जाकर बंद पड़े चापाकल और जलापूर्ति योजनाओं की सूची तैयार कर रही हैं ताकि उन्हें तत्काल प्रभाव से ठीक किया जा सके।
Jamtara जमीनी स्तर पर समीक्षा: पंचायत प्रतिनिधियों के साथ संवाद
सुपायडीह पंचायत के दौरे के दौरान एसडीओ अनंत कुमार केवल निरीक्षण तक सीमित नहीं रहे, बल्कि उन्होंने स्थानीय मुखिया, जलसहिया, वार्ड सदस्यों और ग्रामीणों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक भी की। इस संवाद का उद्देश्य उन क्षेत्रों की पहचान करना था जहाँ पानी की किल्लत सबसे अधिक है। ग्रामीणों ने एसडीओ को बताया कि कई इलाकों में पाइपलाइन फटने और वोल्टेज की कमी के कारण पानी की टंकी से सप्लाई बाधित रहती है।
Jamtara खराब चापाकल और टंकियों की तत्काल मरम्मत के निर्देश
निरीक्षण के दौरान एसडीओ ने पाया कि कई महत्वपूर्ण चापाकल महीनों से खराब पड़े हैं और पानी की टंकियों की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है। उन्होंने मौके पर मौजूद विभागीय अधिकारियों को फटकार लगाते हुए निर्देश दिए कि अगले 48 घंटों के भीतर इन यूनिट्स की मरम्मत सुनिश्चित की जाए। एसडीओ ने स्पष्ट किया कि पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
Jamtara बेहतर समन्वय से संकट पर काबू पाने का दावा
एसडीओ अनंत कुमार ने मीडिया से बातचीत में कहा कि जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि गर्मी के इस मौसम में किसी भी परिवार को पानी के लिए दूर न जाना पड़े। पंचायत प्रतिनिधियों के साथ समन्वय बनाकर डेटा तैयार किया गया है। उन्होंने ग्रामीणों से भी अपील की कि वे जल का दुरुपयोग न करें और यदि कहीं भी लीकेज या चापाकल खराब होने की सूचना मिले, तो तत्काल संबंधित विभाग या कॉल सेंटर को सूचित करें।
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