Report by: Ratan Kumar
Jamtara : झारखंड के जामताड़ा जिले में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति देने और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में जिला प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। ‘मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना’ के तहत शनिवार को एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें जिला उपायुक्त (DC) ने दर्जनों चयनित लाभुकों के बीच उन्नत नस्ल के सूअर, भेड़ और बकरियों का वितरण किया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य सुदूरवर्ती क्षेत्रों में स्वरोजगार के अवसरों को बढ़ावा देना और ग्रामीणों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।
Jamtara अतिरिक्त आय का सशक्त माध्यम: खेती के साथ पशुपालन का मेल
वितरण समारोह को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने योजना के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना विशेष रूप से उन परिवारों के लिए तैयार की गई है, जो पारंपरिक खेती के साथ-साथ आय के अन्य स्थायी विकल्प तलाश रहे हैं। उपायुक्त के अनुसार, पशुपालन एक ऐसा क्षेत्र है जिसमें कम लागत में बेहतर मुनाफा कमाया जा सकता है। उन्होंने लाभुकों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि वे इन पशुओं को केवल एक सरकारी सहायता या उपहार न समझें, बल्कि इन्हें एक व्यवसाय की तरह अपनाएं ताकि भविष्य में उनकी आर्थिक स्थिति में आमूलचूल परिवर्तन आ सके।
Jamtara पलायन पर प्रहार: गांव में ही मिलेगा सम्मानजनक रोजगार
जामताड़ा जैसे जिलों के लिए पलायन हमेशा से एक बड़ी समस्या रही है। इस योजना के क्रियान्वयन से ग्रामीणों के बीच नई उम्मीद जगी है। पशु प्राप्त करने वाले लाभुकों ने सरकार और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब उन्हें काम की तलाश में अपने परिवार को छोड़कर दूसरे राज्यों या शहरों में भटकने की जरूरत नहीं पड़ेगी। गांव में ही पशुपालन के माध्यम से उन्हें आजीविका का ठोस आधार मिल गया है। इससे न केवल स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजित होगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों से होने वाले पलायन में भी भारी कमी आएगी।
Jamtara अधिकारियों को सख्त निर्देश: वितरण के बाद मॉनिटरिंग है अनिवार्य
उपायुक्त ने कार्यक्रम के दौरान विभागीय अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि विभाग का काम केवल पशुओं का वितरण कर देना मात्र नहीं है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे नियमित रूप से लाभुकों के द्वार पर जाकर पशुओं के स्वास्थ्य की निगरानी करें। साथ ही, पशुपालकों को आधुनिक पशुपालन की नई तकनीकों, उचित आहार और समय पर टीकाकरण (Vaccination) के बारे में विस्तार से जानकारी और प्रशिक्षण (Training) प्रदान करें, ताकि पशुओं की मृत्यु दर कम हो और लाभुकों को अधिकतम लाभ मिल सके।
Jamtara सामूहिक सहभागिता: जनप्रतिनिधियों ने बढ़ाया उत्साह
इस गरिमामयी कार्यक्रम में जिला परिषद अध्यक्षा दीपिका बेसरा, उप प्रमुख नरेश दूरी और जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ. संजीव कुमार सहित कई अन्य प्रमुख जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि यदि ग्रामीण ईमानदारी से इस योजना से जुड़ते हैं, तो जामताड़ा आने वाले समय में पशुपालन के क्षेत्र में एक मॉडल जिला बनकर उभरेगा। कार्यक्रम के अंत में पशु पाकर लाभुकों के चेहरे खिल उठे और पूरे क्षेत्र में इस योजना को लेकर सकारात्मक माहौल देखा गया।
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