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Report by: Ratan Kumar

Jamtara : झारखंड के जामताड़ा जिले से शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाली एक गंभीर घटना सामने आई है। नारायणपुर प्रखंड के पबिया पंचायत स्थित उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय पतियोरडीह में बच्चों को भविष्य संवारने का पाठ पढ़ाने वाले प्रधान शिक्षक पर ही नशे की हालत में स्कूल आने का आरोप लगा है। इस शर्मनाक हरकत के बाद स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने स्कूल परिसर में जमकर हंगामा किया।

नशे में ‘गुरुजी’: बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़

Jamtara ग्रामीणों का आरोप है कि विद्यालय के प्रधान शिक्षक सह सचिव संतोष मुर्मू अक्सर शराब के सेवन के बाद ही स्कूल पहुंचते हैं। सोमवार को जब वे विद्यालय आए, तो उनकी स्थिति देखकर ग्रामीण दंग रह गए।

  • शिक्षा का गिरता स्तर: नशे की लत और शिक्षक की लापरवाही का असर सीधा बच्चों की उपस्थिति पर दिख रहा है। सोमवार को स्कूल में नामांकित बच्चों की तुलना में मात्र 10 छात्र ही उपस्थित थे।
  • लगातार शिकायतें: स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई पहली बार नहीं है; शिक्षक की इस आदत के कारण लंबे समय से विद्यालय का माहौल खराब हो रहा है और अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल भेजने से कतराने लगे हैं।

मिड-डे मील और प्रशासनिक अव्यवस्था के गंभीर आरोप

Jamtara हंगामे के दौरान ग्रामीणों ने केवल शिक्षक के आचरण पर ही नहीं, बल्कि स्कूल के संचालन पर भी कई सवाल खड़े किए।

  1. मिड-डे मील में धांधली: ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि स्कूल में मध्याह्न भोजन (Mid-Day Meal) योजना का संचालन सही तरीके से नहीं हो रहा है और इसमें भारी अनियमितताएं बरती जा रही हैं।
  2. चरमराई व्यवस्था: विद्यालय की पूरी व्यवस्था बेपटरी हो चुकी है। न तो समय पर कक्षाएं लगती हैं और न ही बच्चों के पोषण पर ध्यान दिया जा रहा है।
  3. सहकर्मी की पुष्टि: विद्यालय के सहायक शिक्षक सुनील मुर्मू ने भी स्वीकार किया है कि उन्हें इस संबंध में ग्रामीणों की शिकायतें प्राप्त हुई हैं।

वीडियो बनाकर प्रशासन से गुहार: सख्त कार्रवाई की मांग

Jamtara ग्रामीणों ने इस पूरी घटना और शिक्षक की स्थिति का वीडियो बनाकर साक्ष्य के तौर पर जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग को भेज दिया है। उनकी मांग है कि ऐसे गैर-जिम्मेदार शिक्षक को तत्काल पद से हटाया जाए और उन पर विभागीय कार्रवाई की जाए।

वर्तमान में मामला जांच के अधीन है और प्रशासनिक अधिकारियों ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। हालांकि, इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता और शिक्षकों की जवाबदेही पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि ‘राष्ट्र निर्माता’ ही नशे की गिरफ्त में होंगे, तो नौनिहालों का भविष्य अंधकारमय होना तय है।

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