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By: Ishu Kumar

Jamtara : जिले में केंद्रीय श्रमिक संगठनों, ग्रामीण मजदूर संघों और मनरेगा संघर्ष मोर्चा के संयुक्त आह्वान पर राष्ट्रीय आम हड़ताल का असर व्यापक रूप से देखा गया। हड़ताल में शामिल कार्यकर्ताओं ने शहर के प्रमुख चौकों और हाईवे पर प्रदर्शन कर अपनी मांगों को सरकार के सामने रखा। दोपहर के समय कई जगहों पर सड़क पर प्रदर्शनकारियों के बैठने से यातायात पूरी तरह ठप हो गया।

गोविंदपुर-साहिबगंज हाईवे पर दो घंटे का जाम

Jamtara हड़ताल का सबसे अधिक असर पोसोई मोड़ पर देखा गया, जहां प्रदर्शनकारियों ने गोविंदपुर-साहिबगंज हाईवे को दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक बंद कर दिया। इस दौरान सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लगीं और यातायात बाधित रहा। प्रदर्शनकारी हाथों में तख्तियां और झंडे लेकर सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। मौके पर पुलिस और प्रशासन की टीम ने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।

एमएसपी और श्रम कानूनों को लेकर उठीं मांगें

Jamtara हड़ताली संगठनों ने सरकार से कई मांगें रखीं। प्रमुख मांगों में नए श्रम कोड को वापस लेना, फसलों के लिए एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) की कानूनी गारंटी देना और बिजली विधेयक 2025 को रद्द करना शामिल है। इसके अलावा मनरेगा योजना को प्रभावी बनाना और नया बीज विधेयक वापस लेने की भी जोरदार मांग की गई।

न्यूनतम वेतन और स्थायीकरण पर जोर

Jamtara AICTU के चंडीदास पुरी ने कहा कि यह संघर्ष मजदूरों और बेरोजगारों के अस्तित्व से जुड़ा है। उन्होंने सरकार से न्यूनतम वेतन 26,000 रुपये प्रतिमाह तय करने, बुजुर्ग श्रमिकों को 10,000 रुपये मासिक पेंशन देने और स्कीम कर्मियों को स्थायी करने की मांग की। साथ ही, सरकारी विभागों में खाली पदों पर तत्काल भर्ती शुरू करने की भी मांग की गई। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आंदोलन और तेज होगा।

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