Report by: Prem Kumar Srivastwa
Jamshedpur : पूर्वी सिंहभूम जिले के बहरागोड़ा प्रखंड में उस वक्त हड़कंप मच गया जब पानीपाड़ा के समीप स्वर्णरेखा नदी के किनारे दो बेहद शक्तिशाली जीवित बम बरामद किए गए। इन विस्फोटकों की मौजूदगी ने न केवल स्थानीय प्रशासन बल्कि पूरे क्षेत्र के ग्रामीणों के बीच भारी दहशत पैदा कर दी थी। हालांकि, भारतीय सेना के बम निरोधक दस्ते (Bomb Disposal Squad) की सूझबूझ और तत्परता से एक बड़ी अनहोनी को टाल दिया गया है। सेना ने दोनों बमों को सफलतापूर्वक डिफ्यूज कर दिया है, जिसके बाद पिछले कई घंटों से जारी तनाव अब राहत में बदल गया है।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम: 1 किलोमीटर का दायरा पूरी तरह सील
Jamshedpur जैसे ही स्वर्णरेखा नदी के किनारे बम मिलने की सूचना प्राप्त हुई, जिला प्रशासन और पुलिस विभाग तुरंत हरकत में आ गए। बमों की तीव्रता और संभावित खतरे को देखते हुए घटनास्थल के चारों ओर एक किलोमीटर के दायरे को ‘नो-गो ज़ोन’ घोषित कर दिया गया। सुरक्षा के लिहाज से इस पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर दी गई और आम नागरिकों के आवागमन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया।

प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि यदि डिफ्यूज करने की प्रक्रिया के दौरान कोई अनपेक्षित विस्फोट होता है, तो जान-माल का कोई नुकसान न हो। पुलिस बल ने लाउडस्पीकर के माध्यम से ग्रामीणों को सचेत किया और उन्हें सुरक्षित दूरी बनाए रखने के निर्देश दिए। इस घेराबंदी के कारण कुछ समय के लिए इलाके में सन्नाटा पसर गया और लोग अनहोनी की आशंका से डरे रहे।
भारतीय सेना का कौशल: जोखिम भरी प्रक्रिया में मिली सफलता
Jamshedpur बमों की शक्ति को देखते हुए स्थानीय पुलिस ने विशेषज्ञों की सहायता के लिए भारतीय सेना से संपर्क साधा। सेना के बम निरोधक दस्ते के विशेषज्ञ आधुनिक उपकरणों के साथ मौके पर पहुंचे। विशेषज्ञों के अनुसार, बमों की बनावट और उनमें प्रयुक्त विस्फोटक काफी घातक थे, जो एक बड़े क्षेत्र में तबाही मचाने में सक्षम थे।
बारीकी से निरीक्षण करने के बाद, सेना के जवानों ने अत्यंत सावधानीपूर्वक ऑपरेशन शुरू किया। कई घंटों की मशक्कत और तकनीकी सूझबूझ के बाद, दोनों शक्तिशाली विस्फोटकों को एक सुरक्षित स्थान पर ले जाकर निष्क्रिय (Diffuse) कर दिया गया। जैसे ही सेना ने ऑपरेशन के सफल होने की पुष्टि की, प्रशासन और वहां मौजूद लोगों ने राहत की लंबी सांस ली।
जांच के घेरे में मामला: आखिर कहाँ से आए ये बम?
Jamshedpur सफलतापूर्वक बम निष्क्रिय होने के बाद अब पुलिस और खुफिया विभाग के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर इतनी शक्ति वाले विस्फोटक नदी के किनारे तक कैसे पहुंचे? क्या यह किसी बड़ी साजिश का हिस्सा थे या फिर इसके पीछे किसी आपराधिक गिरोह का हाथ है?
पुलिस के मुख्य जांच बिंदु:
- क्या इन बमों को नदी के रास्ते यहां लाया गया था?
- क्या आसपास के जंगलों या उग्रवादी गतिविधियों से इनका कोई संबंध है?
- क्षेत्र में सक्रिय असामाजिक तत्वों की संदिग्ध भूमिका की भी जांच की जा रही है।
फिलहाल, बहरागोड़ा थाना पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और फॉरेंसिक साक्ष्यों को इकट्ठा किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि वे जल्द ही इस गुत्थी को सुलझा लेंगे। फिलहाल इलाके में स्थिति सामान्य है, लेकिन सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है।
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