
श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास पाकिस्तानी सेना द्वारा की गई भीषण गोलाबारी में एक सरकारी अधिकारी की दुखद मौत हो गई है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना आज सुबह लगभग 5:30 बजे हुई, जब पाकिस्तानी सेना ने बिना किसी उकसावे के सीमावर्ती इलाकों में भारी गोलाबारी शुरू कर दी। इस दौरान, थापा नामक अधिकारी अपने घर में मौजूद थे। अचानक हुए धमाकों की आवाज सुनकर वह अपने घर से बाहर निकले और स्थिति का जायजा लेने के बाद अपने कमरे में लौट गए। तभी एक मोर्टार शेल उनके घर के पास आकर गिरा, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं।
स्थानीय निवासियों और सुरक्षा बलों ने तुरंत थापा को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उन्हें बचाया नहीं जा सका। इस घटना से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है और स्थानीय लोगों में आक्रोश व्याप्त है।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा, “यह एक बेहद दुखद घटना है। निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाना निंदनीय है। हम इस मुश्किल समय में थापा के परिवार के साथ हैं।” उन्होंने केंद्र सरकार से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने और पाकिस्तान द्वारा किए जा रहे सीमा पार से हमलों को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने की अपील की।
सुरक्षा बलों ने इस घटना के बाद सीमावर्ती इलाकों में चौकसी बढ़ा दी है और पाकिस्तान द्वारा किए जा रहे हमलों का मुंहतोड़ जवाब देने की तैयारी की जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर सीमा पर तनाव को बढ़ा दिया है और स्थानीय लोगों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
यह घटना नियंत्रण रेखा पर लगातार हो रहे संघर्ष विराम उल्लंघन की श्रृंखला में एक और दर्दनाक कड़ी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे लगातार डर के साए में जी रहे हैं और सरकार से स्थायी शांति स्थापित करने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।
