Iran-US CrisesIran-US Crises
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Iran-US Crises : मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने एक बड़ा और रणनीतिक बयान दिया है। रुबियो ने स्पष्ट किया है कि खाड़ी क्षेत्र में ईरान के साथ जारी संघर्ष अब अपने निर्णायक मोड़ पर है और अगले कुछ हफ्तों के भीतर यह युद्ध समाप्त हो सकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अमेरिका की योजना इस संघर्ष को महीनों तक खींचने की नहीं है। रुबियो का यह बयान ऐसे समय में आया है जब डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन तेहरान के साथ बैकचैनल बातचीत और सैन्य दबाव की दोहरी रणनीति पर काम कर रहा है।

जमीनी युद्ध की संभावना नहीं, रणनीतिक दबाव से झुकेगा ईरान

Iran-US Crises मार्को रुबियो ने सैन्य अभियान की प्रकृति को स्पष्ट करते हुए कहा कि अमेरिका को अपने लक्ष्यों को हासिल करने के लिए ईरान की धरती पर लंबे समय तक जमीनी लड़ाई (Ground War) लड़ने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने ‘ग्रीन लाइन’ की रणनीति का संकेत देते हुए बताया कि वॉशिंगटन बिना सीधे बड़े संघर्ष में उलझे भी सफल हो सकता है।

इलाके में हजारों मरीन और विशेष पैराट्रूपर्स की तैनाती पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए रुबियो ने कहा कि यह कदम राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अधिक विकल्प देने के लिए उठाया गया है। उन्होंने साफ किया कि सैनिकों की मौजूदगी का मतलब अनिवार्य रूप से ईरान पर हमला नहीं है, बल्कि यह किसी भी बदलती परिस्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए है।

शांति प्रस्ताव पर ईरान की चुप्पी और होर्मुज स्ट्रेट का संकट

Iran-US Crises अमेरिकी विदेश मंत्री ने खुलासा किया कि ईरान की ओर से संदेश तो मिले हैं, लेकिन अमेरिका द्वारा सुझाए गए शांति प्रस्ताव पर तेहरान ने अब तक कोई ठोस जवाब नहीं दिया है। यह चुप्पी वॉशिंगटन के लिए चिंता का विषय है, जिससे क्षेत्र में अनिश्चितता और तनाव बढ़ रहा है।

इसके साथ ही रुबियो ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्ग ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) की सुरक्षा को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है। उन्होंने कहा:

  • आर्थिक खतरा: युद्ध समाप्त होने के बाद भी यह मार्ग असुरक्षित रह सकता है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था को खतरा होगा।
  • अवैध टोल का डर: अमेरिका को अंदेशा है कि ईरान इस जलमार्ग पर अवैध रूप से ‘टोल’ वसूलने की कोशिश कर सकता है, जो अंतरराष्ट्रीय कानूनों के खिलाफ और पूरी तरह से अस्वीकार्य है।
  • वैश्विक अपील: रुबियो ने यूरोप और एशिया के सहयोगी देशों से आह्वान किया है कि वे इस समुद्री मार्ग की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपना योगदान दें।

इतिहास की सबसे कमजोर स्थिति में होगा तेहरान

Iran-US Crises मार्को रुबियो ने अपने संबोधन का अंत एक कड़े संदेश के साथ किया। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले कुछ हफ्तों में ईरान के साथ जारी इस अध्याय को समाप्त कर लिया जाएगा। रुबियो के अनुसार, “इस अभियान के पूरा होने के बाद, ईरान का शासन और उसकी सैन्य स्थिति इतिहास के सबसे कमजोर दौर में होगी।”

विशेषज्ञों का मानना है कि रुबियो का यह बयान ईरान पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने और वैश्विक स्तर पर सहयोगियों को एकजुट करने की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है।

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