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by-Ravindra Sikarwar

नवी मुंबई: डीवाई पाटिल स्टेडियम में गुरुवार को खेले गए आईसीसी महिला वनडे वर्ल्ड कप 2025 के सेमीफाइनल में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने एक ऐसी जीत दर्ज की, जो क्रिकेट के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में लिखी जाएगी। मेजबान भारत ने सात बार की चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को पांच विकेट से मात देकर फाइनल में कदम रखा। ऑस्ट्रेलिया द्वारा दिए गए 339 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ने 48.3 ओवरों में 341/5 रन बनाकर जीत हासिल की – यह महिला ODI क्रिकेट में अब तक की सबसे बड़ी सफल रन चेज है। जेमिमाह रोड्रिग्स की नाबाद 127 रनों की ऐतिहासिक पारी ने न केवल ऑस्ट्रेलिया के 15 मैचों के अजेय क्रम को तोड़ा, बल्कि भारतीय टीम को तीसरी बार वर्ल्ड कप फाइनल में पहुंचा दिया। अब भारत का सामना 2 नवंबर को इसी मैदान पर दक्षिण अफ्रीका से होगा, जो फाइनल में पहली बार पहुंची है।

ऑस्ट्रेलिया की पारी: लिचफील्ड की सेंचुरी ने रखी मजबूत नींव, लेकिन अंतिम ओवरों में झटके
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलिया ने अपनी मजबूत बल्लेबाजी का नजारा पेश किया। सलामी बल्लेबाज फोएबे लिचफील्ड ने एक और शानदार शतक लगाया – उनका तीसरा ODI शतक और वर्ल्ड कप में पहला। मात्र 77 गेंदों पर 119 रन ठोकते हुए उन्होंने 14 चौके और चार छक्के लगाए। लिचफील्ड का साथ उन्हें एलीसे पेरी ने दिया, जिन्होंने 68 रनों की उपयोगी पारी खेली। दोनों के बीच 155 रनों की साझेदारी ने ऑस्ट्रेलिया को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया।

हालांकि, भारतीय गेंदबाजों ने बीच के ओवरों में कमाल किया। अमनजोत कौर ने लिचफील्ड को बोल्ड करके इस साझेदारी को तोड़ा, जब लिचफील्ड एक स्कूप शॉट खेलने की कोशिश में चूक गईं। उसके बाद श्री चरणी ने महत्वपूर्ण विकेट चटकाए, जिससे ऑस्ट्रेलिया की गति थोड़ी धीमी पड़ी। अंतिम ओवरों में एश्ले गार्डनर ने तूफान ला दिया – उन्होंने 41 गेंदों पर अर्धशतक जड़ते हुए चार छक्के लगाए और 63 रन जोड़े। लेकिन 49वें ओवर में गार्डनर और किम गार्थ के बीच मिक्स-अप से गार्डनर रन आउट हो गईं। फिर 50वें ओवर में दीप्ति शर्मा ने दो लगातार विकेट लेकर ऑस्ट्रेलिया को 338 रनों पर आउट कर दिया। यह स्कोर महिला ODI में वर्ल्ड कप सेमीफाइनल का दूसरा सबसे बड़ा था, लेकिन भारतीय बल्लेबाजों के आगे अपर्याप्त साबित हुआ।

ऑस्ट्रेलिया की पारी में कुल 18 चौके और सात छक्के लगे, लेकिन विकेटकीपर बेथ मूनी (12) और अन्य निचले क्रम के बल्लेबाजों की नाकामी ने उन्हें रोक दिया। भारतीय गेंदबाजों की ओर से अमनजोत कौर (2/52), दीप्ति शर्मा (2/45) और श्री चरणी (2/60) ने शानदार प्रदर्शन किया।

भारत की रन चेज: शुरुआती झटकों के बाद जेमिमाह-हरमनप्रीत की जोड़ी ने पलटा मैच
339 रनों का लक्ष्य हमेशा चुनौतीपूर्ण होता है, खासकर वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में। भारत की शुरुआत अच्छी नहीं रही। सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा, जो एक साल के बाद ODI में लौटी थीं, मात्र पांच गेंदों पर दो चौकों के बाद किम गार्थ की इनस्विंगर पर LBW हो गईं। फिर स्मृति मंधाना (25) और देओल (8) जल्दी आउट हो गईं, जिससे भारत 59/2 पर सिमट गया। दबाव बढ़ता जा रहा था, लेकिन कप्तान हरमनप्रीत कौर ने संभलकर खेला। उन्होंने 89 रनों की शानदार पारी खेली, जिसमें सात चौके शामिल थे।

36वें ओवर में हरमनप्रीत एक पुल शॉट पर मिडविकेट पर कैच आउट हो गईं, तब भारत को 113 रनों की जरूरत थी और 88 गेंदें बाकी थीं। यहां जेमिमाह रोड्रिग्स ने कमाल कर दिया। नंबर-3 पर उतरीं जेमिमाह ने 134 गेंदों का सामना करते हुए नाबाद 127 रन बनाए – 14 चौकों की मदद से। हरमनप्रीत के साथ उनकी 167 रनों की साझेदारी ने मैच का रुख मोड़ दिया। जेमिमाह ने न केवल रन जोड़े, बल्कि दबाव में भी शांत रहीं। अंत में अमनजोत कौर ने जीत के अंतिम रनों को सील किया – 48.3 ओवर में चौका लगाकर भारत को 341/5 पर पहुंचाया।

भारतीय पारी में कुल 29 चौके और दो छक्के लगे। जेमिमाह के अलावा हरमनप्रीत (89), अमनजोत कौर (नाबाद 15) और रिचा घोष (नाबाद 10) ने योगदान दिया। ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों में सोफी मोलिन्यू (1/60) और किम गार्थ (1/55) ने कोशिश की, लेकिन रन रोक नहीं सके।

रिकॉर्ड्स का तूफान: कई विश्व कीर्तिमान टूटे इस मुकाबले में
यह मैच केवल जीत तक सीमित नहीं था, बल्कि रिकॉर्ड्स की बौछार लेकर आया। भारत ने महिला ODI में सबसे बड़ी रन चेज (339) पूरी की, जो पहले ऑस्ट्रेलिया के नाम 331 रनों की थी (इसी टूर्नामेंट में भारत के खिलाफ)। यह वनडे वर्ल्ड कप नॉकआउट (पुरुष और महिला) में 300+ रनों की पहली सफल चेज है – पहले सबसे ऊंचा न्यूजीलैंड का 298 रनों का पीछा (2015 सेमीफाइनल) था।

अन्य रिकॉर्ड्स:

  • भारत का वर्ल्ड कप में पहली 200+ रन चेज।
  • ऑस्ट्रेलिया का 15 मैचों का वर्ल्ड कप अजेय क्रम (2017 सेमीफाइनल के बाद) टूटा, जब उन्हें भारत ने हराया था।
  • जेमिमाह का यह शतक भारत की तीसरी वर्ल्ड कप फाइनल में पहुंचने वाली पारी बनी (2005 और 2017 में उपविजेता)।
  • कुल मिलाकर, यह महिला क्रिकेट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत की 61 मैचों में सिर्फ 12वीं जीत है।

भावुक पल: जेमिमाह की आंसुओं भरी कहानी और कप्तान का संकल्प
मैच के बाद जेमिमाह रोड्रिग्स भावुक हो गईं। उन्होंने कहा, “पिछले चार महीने बेहद कठिन थे। मैं नंबर-3 पर बल्लेबाजी करने वाली नहीं थी, बल्कि नंबर-5 पर थी, लेकिन शॉवर लेते हुए चर्चा हुई और मैंने कहा, मुझे बताओ तो मैं तैयार हूं। आज मेरा 50 या 100 महत्वपूर्ण नहीं था, बस टीम को जीत दिलानी थी।” हरमनप्रीत कौर आंसुओं में डूब गईं – कोचिंग स्टाफ के साथ गले मिलकर। उन्होंने कहा, “यह खिलाड़ियों की मेहनत का नतीजा है। अब फाइनल पर फोकस, दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अपना सर्वश्रेष्ठ देंगे।”

मुंबई के दर्शकों ने स्टेडियम को गदर कर दिया। स्मृति मंधाना सबसे पहले जेमिमाह को गले लगाने दौड़ीं। यह जीत 2005 और 2017 के फाइनल हार के भूत को भगाने जैसी थी।

भविष्य की राह: नया चैंपियन उभरेगा
यह जीत भारतीय महिला क्रिकेट के लिए मील का पत्थर है। दक्षिण अफ्रीका, जो पहली बार फाइनल में है, एक कड़ी चुनौती होगी। लेकिन जेमिमाह की पारी और टीम की लचीलापन दिखाता है कि भारत अब चोकिंग के पुराने लेबल से बाहर आ चुका है। वर्ल्ड कप 2025 में नया चैंपियन बनेगा – और भारत दावेदार नंबर वन है। यह न केवल रिकॉर्ड्स की जीत है, बल्कि दृढ़ संकल्प की विजय, जो युवा पीढ़ी को प्रेरित करेगी।