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नई दिल्ली: भारत और पाकिस्तान के बीच जारी गंभीर तनाव के बीच, केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए देश के 32 महत्वपूर्ण हवाई अड्डों पर नागरिक उड्डयन गतिविधियों को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है। यह निर्णय पाकिस्तान की ओर से सीमावर्ती क्षेत्रों में लगातार ड्रोन हमलों और संभावित सैन्य कार्रवाई को देखते हुए लिया गया है। प्रभावित हवाई अड्डों में जम्मू, श्रीनगर, चंडीगढ़, जोधपुर, राजकोट और भुज जैसे संवेदनशील क्षेत्र शामिल हैं।

नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने शनिवार को एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए इस निर्णय की जानकारी दी। मंत्रालय के अनुसार, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) और संबद्ध विमानन प्राधिकरणों ने परिचालन संबंधी अपरिहार्य कारणों का हवाला देते हुए 9 मई से 14 मई, 2025 तक उत्तरी और पश्चिमी भारत के इन 32 हवाई अड्डों को सभी प्रकार के नागरिक विमानों के संचालन के लिए अस्थायी रूप से बंद करने की घोषणा की है। इसका सीधा अर्थ है कि इन हवाई अड्डों से 15 मई तक किसी भी नागरिक उड़ान का संचालन नहीं किया जाएगा।

मंत्रालय द्वारा जारी विस्तृत सूची के अनुसार, जिन 32 हवाई अड्डों पर उड़ानें निलंबित रहेंगी, उनमें प्रमुख रूप से उधमपुर, अम्बाला, अमृतसर, अवंतीपुर, बठिंडा, भुज, बीकानेर, चंडीगढ़, हलवारा, हिंडन (गाजियाबाद), जैसलमेर, जम्मू, जामनगर, जोधपुर, कांडला, कांगड़ा (गग्गल), केशोद, किशनगढ़, कुल्लू मनाली (भुंतर), लेह, लुधियाना, मुंद्रा, नलिया, पठानकोट, पटियाला, पोरबंदर, राजकोट (हीरासर), सरसावा, शिमला, श्रीनगर, थोइस और उत्तरलाई शामिल हैं। ये हवाई अड्डे सामरिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्रों में स्थित हैं और वर्तमान सुरक्षा परिदृश्य को देखते हुए इन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि इन सभी 32 हवाई अड्डों पर 14 मई तक सभी नागरिक उड़ान गतिविधियाँ पूरी तरह से बंद रहेंगी। इसके अतिरिक्त, एएआई ने दिल्ली और मुंबई उड़ान सूचना क्षेत्रों (एफआईआर) के भीतर हवाई यातायात सेवा (एटीएस) मार्गों के 25 महत्वपूर्ण खंडों के अस्थायी रूप से बंद रहने की अवधि को भी बढ़ा दिया है। यह कदम हवाई क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने और किसी भी संभावित खतरे से बचने के लिए उठाया गया है।

मंत्रालय ने सभी एयरलाइंस और विमान संचालकों को मौजूदा हवाई यातायात परामर्श को ध्यान में रखते हुए अपने विमानों के लिए वैकल्पिक मार्गों की योजना बनाने की सलाह दी है। इस अप्रत्याशित उड़ान निलंबन से यात्रियों को असुविधा हो सकती है, लेकिन यह निर्णय देश की सुरक्षा और यात्रियों की जान-माल की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए लिया गया है।

यह अभूतपूर्व कदम भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव की गंभीरता को दर्शाता है। हाल के दिनों में सीमा पर ड्रोन हमलों की घटनाओं में वृद्धि देखी गई है, जिसके कारण सरकार सुरक्षा को लेकर कोई भी जोखिम लेने के मूड में नहीं है। भारतीय सेना भी इन चुनौतियों का पूरी मुस्तैदी के साथ जवाब दे रही है और सीमा पर कड़ी निगरानी बनाए हुए है।

सरकार का यह फैसला हवाई अड्डों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और किसी भी संभावित हवाई घुसपैठ या हमले को विफल करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। 15 मई के बाद स्थिति की समीक्षा की जाएगी और उसके बाद ही इन हवाई अड्डों पर नागरिक उड़ानें फिर से शुरू करने पर कोई निर्णय लिया जाएगा। इस बीच, यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी यात्रा योजनाओं के संबंध में नवीनतम अपडेट के लिए संबंधित एयरलाइंस और हवाई अड्डा কর্তৃপক্ষের के संपर्क में रहें।