Spread the love

By: Ravindra Sikarwar

UP news: संभल जिले में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण हटाने के अभियान के तहत प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। अवैध रूप से बनी दो मस्जिदों और एक मदरसे को ध्वस्त कर दिया गया। इनमें से एक मस्जिद और मदरसे को स्थानीय मुस्लिम समुदाय एवं कमेटी सदस्यों ने नोटिस की समयसीमा खत्म होने से पहले खुद ही गिरा दिया, जबकि दूसरी मस्जिद पर प्रशासन ने बुलडोजर चलाया। मुक्त हुई जमीन को आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को आवास योजना के तहत आवंटित किया जा रहा है।

स्वैच्छिक ध्वस्तीकरण: हाजीपुर गांव का मामला

संभल के सलेमपुर सालार उर्फ हाजीपुर गांव में करीब 1,339 वर्ग मीटर सरकारी जमीन पर बनी मदीना मस्जिद और इससे जुड़े मदरसे को मस्जिद कमेटी एवं स्थानीय लोगों ने स्वयं ध्वस्त कर दिया। प्रशासन द्वारा जारी चार महीने की नोटिस 4 जनवरी को समाप्त हो रही थी, लेकिन कार्रवाई से पहले ही शनिवार रात से लोग हथौड़ों और उपकरणों से निर्माण गिराने में जुट गए।

जिलाधिकारी राजेंद्र पेंसिया ने बताया कि यह निर्माण 20-25 साल पुराना था और अवैध कब्जे का मामला था। ध्वस्तीकरण पूरा होने के बाद मुक्त जमीन को 20 आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पट्टे पर दिया जा रहा है। तहसीलदार धीरेंद्र प्रताप सिंह ने इसे सकारात्मक कदम बताया और कहा कि लोगों का गलती सुधारना अच्छी बात है।

प्रशासनिक कार्रवाई: अन्य स्थानों पर बुलडोजर एक्शन

हाजीपुर में एक अन्य अवैध मदरसे को प्रशासन ने तीन बुलडोजरों की मदद से जमींदोज कर दिया। यह मदरसा करीब 1,500-2,500 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैला था और यहां व्यावसायिक दुकानें बनाकर किराया वसूला जा रहा था। इसके अलावा, राया बुजुर्ग गांव में 552 वर्ग मीटर सरकारी जमीन पर बनी एक अन्य अवैध मस्जिद को भी प्रशासन ने ध्वस्त किया, क्योंकि पहले जारी नोटिस का पूरी तरह पालन नहीं हुआ।

ये कार्रवाइयां तहसीलदार कोर्ट के आदेशों और हाईकोर्ट द्वारा याचिकाओं के खारिज होने के बाद की गईं। अतिक्रमणकारियों पर करीब 58 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है, जिसकी वसूली की जाएगी।

व्यापक अभियान का हिस्सा

संभल में अतिक्रमण हटाओ अभियान लंबे समय से चल रहा है, जिसमें सरकारी जमीन, तालाबों और सार्वजनिक संपत्तियों को मुक्त कराया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, ये कदम कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए उठाए गए हैं और किसी तरह की हिंसा या विरोध नहीं हुआ। भारी पुलिस बल की तैनाती के साथ शांतिपूर्ण तरीके से कार्रवाई पूरी की गई।

यह घटनाक्रम जिले में अवैध कब्जों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति को दर्शाता है, जिससे सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा और गरीबों के लिए आवास उपलब्ध कराने का लक्ष्य पूरा हो रहा है।