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by-Ravindra Sikarwar

Air India की उड़ान में कथित तकनीकी खराबी के बाद विमान को चेन्नई की ओर मोड़ दिया गया था, जिसके बाद यह घटना हुई। इस घटना ने यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं। कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने एयर इंडिया की तिरुवनंतपुरम से दिल्ली जाने वाली उड़ान में अपने अनुभव को “त्रासदी के बेहद करीब” बताया है।

घटना का विस्तृत विवरण:
केसी वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में बताया कि उड़ान, जिसमें वह और कई अन्य सांसद सवार थे, तिरुवनंतपुरम से एक घंटे की देरी से रवाना हुई। उड़ान भरने के तुरंत बाद विमान में “अभूतपूर्व अशांति” का अनुभव हुआ। लगभग एक घंटे बाद, कैप्टन ने एक “फ्लाइट सिग्नल फॉल्ट” की घोषणा की और विमान को चेन्नई की ओर मोड़ने का फैसला किया।

सांसद के अनुसार, विमान को चेन्नई हवाई अड्डे के ऊपर लगभग दो घंटे तक चक्कर लगाना पड़ा, क्योंकि उन्हें उतरने की अनुमति नहीं मिल रही थी। उन्होंने बताया कि पहले लैंडिंग के प्रयास के दौरान एक “दिल दहला देने वाला क्षण” आया, जब कथित तौर पर उसी रनवे पर एक और विमान मौजूद था। इस स्थिति को देखकर, कैप्टन ने तुरंत लैंडिंग को रद्द करने का फैसला किया और विमान को ऊपर खींच लिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।

एयर इंडिया का स्पष्टीकरण:
इस घटना के बाद, एयर इंडिया ने एक बयान जारी कर कहा कि तकनीकी खराबी की आशंका और खराब मौसम के कारण उड़ान को सावधानीपूर्वक चेन्नई की ओर मोड़ा गया था। एयरलाइन ने इस बात से इनकार किया कि रनवे पर किसी और विमान के होने के कारण लैंडिंग रद्द की गई थी। एयर इंडिया के अनुसार, चेन्नई एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) ने ही पहले प्रयास में “गो-अराउंड” का निर्देश दिया था, जो एक मानक सुरक्षा प्रक्रिया है।

यात्रियों की प्रतिक्रिया और आगे की मांग:
केसी वेणुगोपाल और एक अन्य सांसद के. सुरेश ने इस घटना की तत्काल जांच की मांग की है। वेणुगोपाल ने अपने पोस्ट में लिखा, “हमें कौशल और किस्मत से बचाया गया। यात्रियों की सुरक्षा किस्मत पर निर्भर नहीं हो सकती।” उन्होंने नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) से इस घटना की जांच करने और दोषियों पर कार्रवाई करने का आग्रह किया है। इस घटना ने एक बार फिर विमानन सुरक्षा प्रोटोकॉल और पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर उस समय जब हाल ही में अहमदाबाद में एक अन्य एयर इंडिया विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था।