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by-Ravindra Sikarwar

कैलिफोर्निया: अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य में एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना ने कई परिवारों को शोक में डुबो दिया है। 21 वर्षीय भारतीय मूल के युवा ट्रक चालक जशनप्रीत सिंह ने नशीले पदार्थों के नशे में धुत होकर इंटरस्टेट 10 फ्रीवे पर भीड़भाड़ वाले ट्रैफिक में ब्रेक न लगाते हुए अपनी सेमी-ट्रक को कई वाहनों से टकरा दिया, जिससे तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और चार अन्य गंभीर रूप से जख्मी हो गए। यह हादसा मंगलवार दोपहर को सैन बर्नार्डिनो काउंटी के ओंटारियो क्षेत्र में आई-10 और आई-15 फ्रीवे के जंक्शन के पूर्वी हिस्से में हुआ, जहां धीमी गति से चल रहे वाहनों में अचानक टक्कर ने आग का गोला बना दिया। जशनप्रीत सिंह, जो 2022 में अवैध रूप से अमेरिका में प्रवेश करने वाला प्रवासी है, को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसके खिलाफ नशे में वाहन चलाने तथा लापरवाही से मौत का कारण बनने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

हादसे की पूरी कहानी:
कैलिफोर्निया हाईवे पेट्रोल (सीएचपी) के अधिकारियों के अनुसार, जशानप्रीत सिंह एक फ्रेटलाइनर ट्रैक्टर-ट्रेलर चला रहा था, जब ट्रैफिक जाम के कारण आगे के वाहन रुक गए। डैशकैम फुटेज से साफ पता चलता है कि सिंह ने ब्रेक लगाने की कोई कोशिश नहीं की और सीधे एक एसयूवी से जोरदार ठोकर मार दी। इसके बाद चेन रिएक्शन में कुल आठ वाहनों, जिनमें चार व्यावसायिक ट्रक शामिल थे, आपस में आपस में टकरा गए। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कई वाहनों में आग लग गई, जिससे मलबा सड़क पर बिखर गया और फ्रीवे को कई घंटों तक बंद रखना पड़ा।

मरने वालों में एक 54 वर्षीय पुरुष शामिल था, जो टोयोटा टैकोमा कार चला रहा था, जबकि दो अन्य एक किरिया सोरेंटो गाड़ी में सवार थे। घायलों में स्वयं सिंह और एक मैकेनिक शामिल है, जो सड़क किनारे टायर बदलने में मदद कर रहा था। सीएचपी अधिकारी रोड्रिगो जिमेनेज ने बताया, “हादसे के बाद सिंह को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों और पुलिस ने उसके नशे की पुष्टि की। टॉक्सिकोलॉजी टेस्ट से साबित हुआ कि वह नशीले पदार्थों के प्रभाव में था।” फुटेज से यह भी स्पष्ट है कि कोई अन्य वाहन उसके सामने नहीं कटा था, न ही कोई मैकेनिकल खराबी थी।

आरोपी की पृष्ठभूमि और कानूनी कार्रवाई:
जशानप्रीत सिंह, मूल रूप से पंजाब का निवासी और युबा सिटी में रहने वाला, 2022 में एल सेंट्रो सेक्टर में बॉर्डर पेट्रोल द्वारा पकड़ा गया था, लेकिन सुनवाई के इंतजार में रिहा कर दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि यह जांच का विषय है कि उसके पास वैध कमर्शियल ड्राइवर लाइसेंस था या नहीं। उसे ग्रॉस वेहिकुलर मैन्स्लॉटर विद आउट ग्रॉस नेग्लिजेंस, ड्राइविंग अंडर इन्फ्लुएंस (डीयूआई) और ड्रग्स के प्रभाव में चोट पहुंचाने के आरोपों में हिरासत में लिया गया है। अमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी डिपार्टमेंट ने उसके खिलाफ इमिग्रेशन डिटेनर भी लगाया है।

यह घटना अमेरिका में अवैध प्रवासियों द्वारा भारी वाहनों के संचालन को लेकर उठ रही बहस को हवा दे रही है। अगस्त में ही एक अन्य भारतीय प्रवासी हरजिंदर सिंह पर फ्लोरिडा में अवैध यू-टर्न लेते हुए तीन लोगों की मौत का आरोप लगा था, जो 2018 में अवैध रूप से सीमा पार कर आया था। विशेषज्ञों का मानना है कि कैलिफोर्निया जैसे राज्यों में विदेशी ड्राइवरों के लिए अंग्रेजी भाषा और सड़क संकेतों की समझ की जांच सख्त करने की जरूरत है।

जांच और सुरक्षा चिंताएं:
सीएचपी की जांच टीम ने घटनास्थल से मलबा साफ करने और फॉरेंसिक विश्लेषण के बाद फ्रीवे को रात में फिर से खोला। अधिकारियों ने कहा कि यह हादसा ट्रक ड्राइवरों के नशे और लाइसेंसिंग प्रक्रिया में खामियों का परिणाम है। ट्रंप प्रशासन ने हाल ही में कैलिफोर्निया को हाईवे सेफ्टी फंड्स रोकने की चेतावनी दी है, क्योंकि राज्य ट्रक चालकों के लिए भाषा आवश्यकताओं को लागू नहीं कर रहा। यह घटना न केवल स्थानीय ट्रैफिक सुरक्षा पर सवाल उठा रही है, बल्कि अवैध प्रवास नीतियों पर भी बहस छेड़ रही है।

समाज पर प्रभाव:
इस दुखद हादसे ने अमेरिका में भारतीय समुदाय को स्तब्ध कर दिया है, जहां कई प्रवासी ट्रकिंग उद्योग में काम करते हैं। पीड़ित परिवारों के लिए न्याय की मांग तेज हो गई है, जबकि अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि नशे में वाहन चलाने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी। यह घटना सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियानों को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दे रही है।