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by-Ravindra Sikkarwar

बेंगलुरु के बाहरी इलाके में एक ऐसी वारदात हुई है जो समाज के हर तबके को झकझोर रही है। पांच अपराधियों ने पुलिस मुखबिर होने का बहाना बनाकर एक किराए के मकान में घुसकर 30 वर्षीय महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया, साथ ही उसके 14 वर्षीय बेटे और महिला की एक महिला मित्र पर भी क्रूरता से हमला बोला। अपराधियों ने न केवल महिला को नंगा किया, बल्कि घटना के बाद लगभग 50,000 रुपये नकद और उसके मोबाइल फोन की चोरी भी कर ली। यह जघन्य अपराध 21 अक्टूबर की रात को गंगोंडनाहल्ली क्षेत्र में दसनापुरा होबली के मदनयकनहल्ली पुलिस स्टेशन के दायरे में हुआ। पीड़िता मूल रूप से पश्चिम बंगाल की रहने वाली है और वह अपने पति व दो बच्चों के साथ पिछले छह महीनों से इस किराए के घर में रह रही थी।

पुलिस के अनुसार, मंगलवार रात करीब 8 बजे पांच बदमाश मोटरसाइकिलों पर सवार होकर पीड़िता के घर पहुंचे। उन्होंने खुद को पीनीया पुलिस स्टेशन के मुखबिर बताते हुए कहा कि उन्हें परिवार के अवैध गतिविधियों जैसे गांजा बिक्री और वेश्यावृत्ति में लिप्त होने की सूचना मिली है। इस बहाने से वे घर में घुस गए और तुरंत हमला बोल दिया। अपराधियों ने घर में मौजूद दो पुरुषों—पीड़िता के बेटे और एक अन्य व्यक्ति—को रस्सियों से बांध लिया और उन पर लाठी-डंडों से हमला किया। हमले के दौरान बेटे को गंभीर चोटें आईं, जिससे वह बेहोश हो गया। इसी बीच, उन्होंने पीड़िता की महिला मित्र को भी पीटा।

इसके बाद अपराधियों ने पीड़िता को जबरन घर के अंदरूनी कमरे में घसीटा और तीनों ने उसके साथ क्रूर तरीके से सामूहिक बलात्कार किया। पीड़िता ने बताया कि अपराधियों ने धमकी दी कि अगर उन्होंने शोर मचाया तो पूरे परिवार को मार देंगे। हमले के दौरान बेटा होश में आया और किसी तरह पुलिस को फोन करने में सफल रहा। लेकिन तब तक अपराधी मौके से फरार हो चुके थे। घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने प्रारंभिक जांच की और पीड़िता के बयान पर सामूहिक बलात्कार (गैंग रेप) तथा डकैती के तहत मामला दर्ज किया।

बेंगलुरु ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक सी.के. बाबा ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर छानबीन शुरू कर दी। पीड़िता के बयान के आधार पर दो अपराधियों की पहचान हो गई, जिसके बाद विशेष अभियान चलाकर तीन संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों के नाम कार्तिक, ग्लेन और सियोग हैं। ये सभी स्थानीय स्तर पर सक्रिय अपराधी बताए जा रहे हैं। पुलिस ने बाकी दो फरार अपराधियों की तलाश के लिए तीन विशेष टीमें गठित की हैं। जांच की निगरानी नेलामंगला डिवीजन के डिप्टी एसपी कर रहे हैं। एसपी बाबा ने कहा, “यह मामला बेहद गंभीर है। हम पूरे सख्ती से कार्रवाई कर रहे हैं और जल्द ही बाकी आरोपियों को भी पकड़ लेंगे।”

हमले में घायल दो पुरुषों—पीड़िता के बेटे और अन्य व्यक्ति—को तुरंत नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरोसाइंसेज (एनआईएमएचएनएस) में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। पीड़िता को भी मेडिकल जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसके शारीरिक और मानसिक आघात की पुष्टि की।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पीड़िता का परिवार किराए के मकान में रहता था और मकान मालिक ने हाल ही में उन्हें खाली करने के लिए कहा था। कारण बताया गया कि पड़ोसियों की शिकायतों के चलते परिवार पर अवैध गतिविधियों के आरोप लगे थे। हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह केवल अपराधियों का बहाना था, और परिवार पर कोई वास्तविक आरोप सिद्ध नहीं हुआ है। यह घटना शहर के बाहरी इलाकों में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं को उजागर करती है, जहां अपराधी पुलिस के नाम का दुरुपयोग करके आसानी से प्रवेश कर लेते हैं।

इस घटना ने बेंगलुरु में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सामाजिक कार्यकर्ता और महिला संगठनों ने पुलिस से कड़े कदम उठाने की मांग की है, जिसमें नकली पुलिस वर्दी पहनने वालों पर सख्ती और महिलाओं के लिए 24×7 हेल्पलाइन की मजबूती शामिल है। स्थानीय निवासियों ने भी क्षेत्र में अधिक गश्त की मांग की है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि दोषियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए कोर्ट में मजबूत केस तैयार किया जाएगा।

यह घटना न केवल एक परिवार की जिंदगी तबाह करने वाली है, बल्कि पूरे समाज को सोचने पर मजबूर कर रही है कि कैसे अपराधी कानून की आड़ में इतनी बेशर्मी से अपराध कर जाते हैं। पीड़िता के परिवार को न्याय मिले, यही हमारी कामना है।