Harmony: शांति से संपन्न हुआ बसंत पंचमी पर्व
मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित भोजशाला परिसर ने बसंत पंचमी के अवसर पर शांति और आपसी समझ का एक अहम उदाहरण पेश किया। वर्षों से संवेदनशील माने जाने वाले इस स्थल पर इस बार पूजा और नमाज दोनों धार्मिक गतिविधियां तय नियमों और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत बिना किसी टकराव के पूरी हुईं। पूरे आयोजन के शांतिपूर्ण रहने से न सिर्फ प्रशासन ने राहत की सांस ली, बल्कि जिले में सामाजिक सौहार्द का मजबूत संदेश भी गया।
Harmony: प्रशासन के सामने बड़ी परीक्षा
बसंत पंचमी के दिन पूजा और जुमे की नमाज एक साथ होने के कारण प्रशासन के लिए यह आयोजन चुनौतीपूर्ण था। संभावित तनाव को देखते हुए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए। शहर और भोजशाला परिसर में लगभग आठ हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। निगरानी के लिए ड्रोन, सीसीटीवी और आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया गया। पुलिस और प्रशासन की सतर्कता के चलते पूरे दिन कहीं भी कोई अप्रिय स्थिति नहीं बनी।
Harmony: सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत आयोजन
अदालत के आदेशों के अनुसार, दोनों समुदायों के लिए अलग-अलग व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई थीं। भोजशाला के गर्भगृह में हिंदू समाज द्वारा सूर्योदय से सूर्यास्त तक मां वाग्देवी की अखंड पूजा की गई। सुबह तय समय पर यज्ञ की पहली आहुति के साथ पूजा आरंभ हुई, जो पूरे दिन चलती रही। वहीं, संरक्षित परिसर के उत्तरी भाग में मुस्लिम समुदाय के प्रतिनिधियों ने जुमे की नमाज अदा की। दोनों धार्मिक गतिविधियां तय समय और सीमाओं के भीतर शांतिपूर्वक संपन्न हुईं।
समाज और व्यापारियों का सहयोग
हिंदू समाज ने इस अवसर पर अखंड पूजा का संकल्प लिया था, जिसके समर्थन में धार के कई व्यापारियों ने स्वेच्छा से अपनी दुकानें बंद रखीं। श्रद्धालुओं को सुरक्षा के मद्देनजर जिग-जैग बैरिकेडिंग के माध्यम से प्रवेश दिया गया। प्रशासन और आम जनता के सहयोग से पूरे दिन अनुशासन और व्यवस्था बनी रही।
तीन महीने की तैयारी लाई रंग
धार प्रशासन ने इस आयोजन को सफल बनाने के लिए करीब तीन महीने पहले से रणनीति तैयार की थी। शांति समितियों की बैठकें, दोनों समुदायों के साथ लगातार संवाद, पुराने अनुभवों का विश्लेषण और छह-सेक्टर आधारित सुरक्षा योजना इस सफलता के प्रमुख कारण रहे। कलेक्टर प्रियंक मिश्र ने बताया कि जनता के सहयोग और प्रशासनिक टीम की मेहनत से सभी कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए।
पुलिस ने मनाया सफलता का जश्न
संवेदनशील आयोजन के सफल समापन के बाद ड्यूटी में लगे पुलिसकर्मियों ने राहत और खुशी जाहिर की। जवानों ने आपसी तौर पर जश्न मनाया, जिसका वीडियो भी सामने आया। यह आयोजन इसलिए भी खास रहा क्योंकि बीते 24 वर्षों में यह चौथी बार था जब बसंत पंचमी शुक्रवार को पड़ी, और इस बार बिना किसी बड़ी घटना के पूजा और नमाज दोनों संपन्न हुईं।
Also Read This: Vande Bharat: भोपाल–जोधपुर वंदेभारत एक्सप्रेस की मांग तेज

