By: Ravindra Sikarwar
ग्वालियर: शहर के बहोड़ापुर क्षेत्र में बीते जून महीने में हुई सनसनीखेज 29.50 लाख रुपये की लूट के मामले में पुलिस ने शुक्रवार देर रात अंतिम फरार आरोपी को भी दबोच लिया। मुरैना जिले के बानमोर इलाके में छिपे बैठे मुख्य साजिशकर्ता अजय गुर्जर उर्फ अज्जू (32) को ग्वालियर क्राइम ब्रांच और बहोड़ापुर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया। इसके साथ ही इस बड़े लूटकांड के सभी सात आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ गए हैं।
घटना 18 जून 2025 की दोपहर की है। महाराजपुरा निवासी शराब ठेकेदार विपिन तोमर का मुनीम रवि शर्मा रोज़ाना की तरह बैंक से 29.50 लाख रुपये लेकर बाइक पर ठेके की ओर जा रहा था। जैसे ही वह बहोड़ापुर तिराहे के पास पहुंचा, दो बाइकों पर सवार सात नकाबपोश बदमाशों ने उसका रास्ता रोका। पिस्टल की नोक पर पहले तो उसे डराया-धमकाया और फिर रुपये से भरा बैग छीनकर फरार हो गए। पूरी वारदात महज 42 सेकंड में हुई और सीसीटीवी में कैद हो गई।
लूट की सूचना मिलते ही ग्वालियर एसपी राजेश सिंह चंदेल ने क्राइम ब्रांच को सक्रिय किया। 48 घंटे के अंदर ही पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल दोनों बाइकों को बरामद कर लिया था। इसके बाद एक-एक कर छह आरोपी पकड़े गए:
- मुख्य शूटर और लूट का मास्टरमाइंड रिंकू उर्फ रिंकेश तोमर (ग्वालियर)
- लूट में साथी राहुल जादौन (मुरैना)
- बाइक चालक सोनू उर्फ सोनू सिंह तोमर (शिवपुरी)
- रेकी करने वाला दीपक गुर्जर (ग्वालियर)
- लूट के पैसे बांटने वाला नीरज सिंह कुशवाह (दतिया)
- हथियार सप्लायर मोनू उर्फ मोहित शर्मा (ग्वालियर)
इन छह आरोपियों से पूछताछ में पुलिस को पता चला कि लूट की पूरी साजिश अजय गुर्जर ने रची थी। वह शराब ठेकेदारों के मुनीमों की रेकी करवाता था और लूट के बाद हिस्सा लेकर फरार हो गया था। अजय पर पहले से ही हत्या के प्रयास, लूट और आर्म्स एक्ट के आधा दर्जन मामले दर्ज हैं। वह मुरैना-ग्वालियर के बॉर्डर इलाके में लगातार ठिकाना बदल रहा था।
क्राइम ब्रांच के डीएसपी राजेंद्र सिंह गौतम ने बताया कि पिछले 15 दिनों से अजय पर कड़ी निगरानी रखी जा रही थी। मुखबिरों से सूचना मिली कि वह बानमोर के एक किराए के मकान में छिपा है। शुक्रवार रात करीब 11 बजे पुलिस टीम ने घर पर दबिश दी। अजय ने भागने की कोशिश की, लेकिन बाहर घेराबंदी देखकर उसने आत्मसमर्पण कर दिया।
तलाशी में उसके पास से लूट का एक लाख रुपये नकद, एक कट्टा, तीन जिंदा कारतूस और वारदात में इस्तेमाल एक मोबाइल फोन बरामद हुआ है। पूछताछ में अजय ने कबूल किया कि लूट के कुल 29.50 लाख में से उसका हिस्सा 6 लाख रुपये था, जिसमें से 5 लाख उसने पहले ही खर्च कर दिए। बाकी पैसा उसने मुरैना और दतिया में अपनी प्रॉपर्टी में लगा दिया।
पुलिस अब अजय के बैंक खातों और प्रॉपर्टी की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या उसने इसी तरह की और लूट की वारदातों को अंजाम दिया है। पुलिस को संदेह है कि पिछले एक साल में ग्वालियर-चंबल अंचल में हुई कम से कम तीन बड़ी लूट की घटनाओं में भी अजय का हाथ हो सकता है।
इस गिरफ्तारी के साथ ही ग्वालियर पुलिस ने 29.50 लाख की इस सनसनीखेज लूट की गुत्थी पूरी तरह सुलझा ली है। अब तक लूट का करीब 22 लाख रुपये पुलिस बरामद कर चुकी है, जबकि बाकी की रिकवरी के लिए प्रयास जारी हैं। एसएसपी राजेश सिंह चंदेल ने पूरी टीम को 25 हजार रुपये का नकद इनाम देने की घोषणा की है।
शहर के व्यापारी वर्ग ने इस सफलता पर पुलिस को बधाई दी है। उनका कहना है कि दिनदहाड़े हो रही ऐसी वारदातों से कारोबारियों में दहशत थी। अब पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से अपराधियों में खौफ पैदा होगा।
