BY: Yoganand Shrivastva
ग्वालियर ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि यहाँ के युवाओं में वैश्विक चुनौतियों का समाधान खोजने की अद्भुत क्षमता है। राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय (RVSKVV) से जुड़े एक इनोवेटिव प्रोजेक्ट को भारत सरकार के एमएसएमई मंत्रालय द्वारा “इनोवेटिव आइडिया हैकाथॉन 5.0” के लिए चुना गया है। इस चयन के साथ ही प्रोजेक्ट के विकास के लिए भारी-भरकम वित्तीय सहायता का मार्ग भी प्रशस्त हो गया है।
देशभर की कड़ी प्रतिस्पर्धा में मध्य प्रदेश का मान
अगस्त 2025 में शुरू हुई इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देशभर से हजारों नवाचारी विचार (Startup Ideas) प्रस्तुत किए गए थे। कड़े चयन चरणों के बाद:
- चयनित प्रोजेक्ट्स: मध्य प्रदेश से कुल 24 आइडिया का चयन हुआ।
- ग्वालियर की उपलब्धि: पूरे ग्वालियर क्षेत्र से केवल एक आइडिया इस सूची में जगह बना पाया, जो विश्वविद्यालय और शहर के लिए बड़े गौरव की बात है।
₹12.5 लाख की फंडिंग से स्टार्टअप को मिलेगी उड़ान
इस उपलब्धि का सबसे महत्वपूर्ण पहलू चयनित आइडिया को मिलने वाली वित्तीय सहायता है।
- अनुदान राशि: चयनित प्रोजेक्ट को ₹12.5 लाख का सरकारी अनुदान प्रदान किया जाएगा।
- किसे मिलेगा लाभ: यह राशि सी.ए.आई.ई. (CAIE) की इनक्यूबेटी कंपनी “नोवोसेज प्रा. लि., भोपाल” को दी जाएगी।
- उपयोग: इस फंड का उपयोग आइडिया के प्रोटोटाइप विकास, परीक्षण (Testing) और उसे सफलतापूर्वक बाजार में उतारने (Market Launch) के लिए किया जाएगा।
कुशल नेतृत्व और मार्गदर्शन की जीत
इस सफलता का श्रेय विश्वविद्यालय प्रशासन और विशेषज्ञों की टीम को दिया जा रहा है। कुलपति प्रोफेसर अरविंद शुक्ला के दूरदर्शी मार्गदर्शन और केंद्र उद्यमिता एवं नवाचार (CAIE) के नोडल अधिकारी डॉ. वाय.डी. मिश्रा के नेतृत्व में विद्यार्थियों को लगातार प्रेरित किया गया। विश्वविद्यालय का इनक्यूबेशन सेंटर युवाओं को न केवल विचार देने बल्कि उन्हें व्यावसायिक रूप देने में भी तकनीकी और रणनीतिक मदद मुहैया करा रहा है।
