By: Ravindra Sikarwar
ग्वालियर जिले के तिघरा थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले छोटे से गांव कोने का पुरा में बुधवार दोपहर उस समय खूनखराबा हो गया जब पैतृक जमीन के बंटवारे को लेकर दो सगे भाइयों के बीच पुराना विवाद इतना बढ़ गया कि मामला जानलेवा हमले तक जा पहुँचा। बड़े भाई ने छोटे भाई पर कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ वार किए, जबकि बचाव में आए बुजुर्ग पिता को भी गंभीर चोटें आईं। गाँव वालों के अनुसार चाचा और अन्य रिश्तेदारों ने भी लाठियों से पीटा, जिससे मामला और भयावह हो गया।
घटना की शुरुआत दोपहर करीब दो बजे हुई। गाँव के रहने वाले कल्लू सिंह बघेल (उम्र करीब ४२ वर्ष) और उनका छोटा भाई भानू सिंह बघेल (उम्र करीब ३८ वर्ष) लंबे समय से अपने पैतृक खेतों के बंटवारे को लेकर आपस में मनमुटाव रखते थे। दोनों भाइयों के बीच पहले भी कई बार पंचायतें हो चुकी थीं, लेकिन कोई स्थायी हल नहीं निकल सका था। बुधवार को एक बार फिर दोनों खेत पर पहुँचे और बातचीत जल्द ही गरमागरम बहस में बदल गई।
गाँव वालों के मुताबिक कल्लू पहले से ही गुस्से में था। उसने अचानक पास पड़ी कुल्हाड़ी उठाई और भानू पर वार करना शुरू कर दिया। भानू के सिर, गर्दन और हाथों पर कई गहरे घाव आए। चीख-पुकार सुनकर घर से दौड़े आए पिता सियाराम बघेल (उम्र करीब ६५ वर्ष) ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, लेकिन गुस्साए कल्लू ने उन पर भी कुल्हाड़ी से हमला बोल दिया। सियाराम के सिर और कंधे पर गंभीर चोटें आईं और वे मौके पर ही लहूलुहान होकर गिर पड़े।
इसी बीच कल्लू के चाचा और कुछ अन्य रिश्तेदार भी मौके पर पहुँच गए। गाँव वालों का कहना है कि उन्होंने भानू और सियाराम को लाठियों से पीटा ताकि कल्लू को बचाया जा सके। देखते-ही-देखते पूरा इलाका युद्धक्षेत्र बन गया। महिलाएँ और बच्चे रोते-चीखते इधर-उधर भागने लगे। किसी तरह गाँव के कुछ युवकों ने बीच-बचाव किया और घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुँचाया।
दोनों घायल—भानू बघेल और सियाराम बघेल—को गंभीर हालत में पहले तिघरा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उन्हें ग्वालियर के जयारोग्या अस्पताल रेफर कर दिया। देर रात तक दोनों का इलाज आईसीयू में चल रहा था। भानू की हालत को चिकित्सकों ने अत्यधिक गंभीर बताया है क्योंकि कुल्हाड़ी के कई वार सिर और गर्दन पर लगे हैं।
सूचना मिलते ही तिघरा थाना प्रभारी अपने दल-बल के साथ मौके पर पहुँचे। पुलिस ने कल्लू बघेल को हिरासत में ले लिया है और उसके खिलाफ हत्या के प्रयास सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि हमले में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर उन्हें भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
गाँव में इस घटना से दहशत का माहौल है। बुजुर्ग लोग बता रहे हैं कि बघेल परिवार में पिछले कई सालों से जमीन को लेकर तनाव चल रहा था। पहले छोटी-मोटी मारपीट होती थी, लेकिन इस बार मामला जानलेवा हो गया। गाँव के सरपंच ने बताया कि कई बार पंचायत बुलाकर समझौता कराने की कोशिश की गई थी, लेकिन दोनों पक्ष अपनी-अपनी जिद पर अड़े रहे।
पड़ोसियों का कहना है कि आजकल ग्रामीण क्षेत्रों में पैतृक संपत्ति का बंटवारा सबसे बड़ा विवाद बनता जा रहा है। छोटी-छोटी बातें इतनी बढ़ जाती हैं कि खून-खराबा हो जाता है। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि समय रहते संपत्ति का कानूनी बंटवारा न हो तो परिवार ही दुश्मन बन जाते हैं।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जाँच कर रही है। गाँव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि किसी तरह की प्रतिक्रियात्मक हिंसा न हो। प्रशासन ने दोनों पक्षों के लोगों को समझाइश दी है कि कानून अपने हाथ में न लें।
यह घटना न सिर्फ एक परिवार के टूटने की कहानी है, बल्कि समाज को यह चेतावनी भी देती है कि संपत्ति के लालच में रिश्ते कितनी आसानी से खून में डूब जाते हैं।
