Gwalior : मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ आस्था के स्वर बंद कराने को लेकर उपजा विवाद गोलीबारी में बदल गया। मुरार थाना क्षेत्र के तिकोनिया इलाके में रामनवमी के पावन अवसर पर हो रहे भजन-कीर्तन को लेकर दो पड़ोसी परिवारों में हिंसक झड़प हो गई। इस घटना में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल के पीएसओ (PSO) संतोष पांडे सहित तीन लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

भजन की आवाज बनी विवाद की जड़
Gwalior घटनाक्रम की शुरुआत रामनवमी के उपलक्ष्य में आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम से हुई। संतोष पांडे के घर के ठीक सामने स्थित माता मंदिर में भजन चल रहे थे। मंदिर से आ रही लाउडस्पीकर की आवाज पर पड़ोस में रहने वाले रजक परिवार ने कड़ी आपत्ति जताई। चश्मदीदों के अनुसार, रजक परिवार के सदस्य तेज आवाज से परेशान थे और उन्होंने अभद्र भाषा का प्रयोग करना शुरू कर दिया।

जब संतोष के भाई राजकुमार और एक अन्य पड़ोसी सुनील कुमार वर्मा ने इस गाली-गलौज का विरोध किया, तो विवाद और गहरा गया। आरोपियों ने पहले सुनील कुमार को थप्पड़ जड़ दिया, जिसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई। राजकुमार ने बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन आरोपियों ने उनके साथ भी मारपीट शुरू कर दी।
PSO भाई को बुलाया तो आरोपियों ने खोल दिया मोर्चा
Gwalior मारपीट से आहत राजकुमार पांडे ने अपने भाई और बीजेपी मीडिया प्रभारी के पीएसओ संतोष पांडे को मदद के लिए मौके पर बुलाया। संतोष के पहुँचते ही विवाद ने हिंसक मोड़ ले लिया। आरोप है कि दूसरे पक्ष के पप्पी रजक, निर्मल रजक और सूरज रजक ने आपा खो दिया और कट्टे (अवैध हथियार) से फायरिंग शुरू कर दी।
इस गोलीबारी में संतोष पांडे, उनके भाई आकाश और राजकुमार पांडे छर्रे लगने से घायल हो गए। हमले के दौरान यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपियों के परिवार की महिला सदस्यों ने भी इस हिंसा में साथ दिया। गोलियों की आवाज से पूरे इलाके में दहशत फैल गई, लेकिन जल्द ही स्थानीय लोग एकजुट हो गए।
भीड़ ने आरोपियों को दबोचा, पुलिस की जाँच शुरू
Gwalior फायरिंग के बाद भागने की कोशिश कर रहे आरोपियों को मौके पर मौजूद भीड़ ने बहादुरी दिखाते हुए घेर लिया। लोगों ने आरोपियों के हाथों से कट्टे छीने और तीन मुख्य आरोपियों—पप्पी, निर्मल और सूरज रजक को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। सूचना मिलते ही मुरार थाना पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँची और घायलों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया।
अधिकारियों और पीड़ितों का पक्ष:
Gwalior थाना प्रभारी मैना पटेल, मुरार ने बताया कि “पीड़ित राजकुमार पांडे की शिकायत के आधार पर तीन नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस घटना के हर पहलू की बारीकी से विवेचना कर रही है और हथियार के स्रोत का पता लगाया जा रहा है।”
घायल राजकुमार पांडे का कहना है कि वे केवल शांतिपूर्वक त्योहार मना रहे थे, लेकिन पड़ोसी परिवार ने बिना किसी ठोस वजह के उन पर जानलेवा हमला कर दिया। फिलहाल क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात है और मामले की कानूनी कार्यवाही जारी है।
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