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By: Ravindra Sikarwar

ग्वालियर: मध्यप्रदेश की आर्थिक प्रगति को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाले राज्य स्तरीय आयोजन ‘अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट-2025’ का उद्घाटन आज ग्वालियर के मेला ग्राउंड में हुआ। यह कार्यक्रम भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती के अवसर पर आयोजित किया गया, जिसने इसे विशेष महत्व प्रदान किया। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संयुक्त रूप से कार्यक्रम की शुरुआत की, साथ ही विभिन्न प्रदर्शनियों का अवलोकन किया।

कार्यक्रम का उद्घाटन और मुख्य अतिथियों की उपस्थिति
इस समिट का थीम ‘निवेश से रोजगार – अटल संकल्प, उज्ज्वल मध्यप्रदेश’ रखा गया है, जो प्रदेश में निवेश को सीधे रोजगार सृजन से जोड़ने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की, जबकि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। इस अवसर पर केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। आयोजन में हजारों उद्यमी, निवेशक और लगभग 25 हजार लाभार्थी शामिल हुए, जिसने इसे एक जनभागीदारी वाले बड़े मंच में बदल दिया।

अतिथियों ने सबसे पहले विभिन्न स्टॉलों और प्रदर्शनियों का दौरा किया। यहां पिछले दो वर्षों में प्रदेश में हुए औद्योगिक विकास, निवेश की सफलताओं और रोजगार सृजन की उपलब्धियों को विस्तार से प्रदर्शित किया गया था। विशेष रूप से अटल जी के जीवन, उनके सुशासन और विकास संबंधी विजन पर आधारित एक अलग प्रदर्शनी ने सभी का ध्यान आकर्षित किया।

दो लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्तावों का भूमिपूजन और लोकार्पण
समिट का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा रहा औद्योगिक परियोजनाओं का शुभारंभ। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संयुक्त रूप से दो लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्तावों के लिए भूमिपूजन किया। इन प्रस्तावों में नए औद्योगिक क्षेत्रों, क्लस्टर विकास और प्लग-एंड-प्ले इकाइयों का निर्माण शामिल है। साथ ही, दस हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की चल रही औद्योगिक परियोजनाओं का लोकार्पण भी किया गया।

इसके अलावा, निवेशकों को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से 725 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि वितरित की गई। इन सभी परियोजनाओं से प्रदेश में लगभग 1.93 लाख नए रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है। गोदरेज इंडस्ट्रीज, वर्धमान ग्रुप, जेके टायर, डाबर, भारत पेट्रोलियम और टॉरंट पावर जैसे बड़े उद्योग समूहों की भागीदारी ने यह संकेत दिया कि मध्यप्रदेश अब निवेशकों की प्राथमिकता बन चुका है।

अटल जी की स्मृति में विशेष आयोजन
यह समिट अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर आयोजित होने के कारण और भी खास रही। कार्यक्रम में अटल संग्रहालय के नवीनीकरण कार्य का भी उद्घाटन किया गया। साथ ही, ग्वालियर के प्रसिद्ध व्यापार मेले का शुभारंभ हुआ, जो स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि अटल जी के सुशासन और विकास के मंत्र को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने जोर दिया कि प्रदेश सरकार निवेश को केवल कागजों तक सीमित नहीं रख रही, बल्कि इसे उत्पादन और रोजगार में बदलने पर फोकस कर रही है।

प्रदेश के विकास पर व्यापक प्रभाव
अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि प्रदेश की औद्योगिक नीति का एक मजबूत मंच साबित हुआ है। पिछले दो वर्षों में मध्यप्रदेश में हुए निवेश की उपलब्धियों को यहां साझा किया गया, साथ ही भविष्य की योजनाओं पर भी चर्चा हुई। नए औद्योगिक क्षेत्रों के विकास से छोटे-मध्यम उद्यमियों को भी लाभ मिलेगा, जबकि महिलाओं और युवाओं के लिए विशेष रोजगार योजनाओं पर जोर दिया गया।

यह आयोजन मध्यप्रदेश को निवेश-अनुकूल राज्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल आर्थिक विकास तेज होगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए द्वार खुलेंगे। समिट के सफल आयोजन से प्रदेश की विकास यात्रा को नई गति मिली है, और यह अटल जी के संकल्प को साकार करने की ओर एक मजबूत पहल है।