GorakhpurGorakhpur
Spread the love

Report by: Ravindra Sikarwar

Gorakhpur : चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर समूचा देश भक्ति के रंग में डूबा हुआ है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और गोरक्षपीठ के पीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने अपनी आध्यात्मिक परंपराओं का निर्वहन करते हुए गोरखपुर स्थित सुप्रसिद्ध गोरखनाथ मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की। नवरात्रि की अष्टमी तिथि के शुभ अवसर पर मुख्यमंत्री ने लोक-कल्याण और प्रदेश की समृद्धि की कामना के साथ शक्ति की देवी मां महागौरी की विधि-विधान से उपासना की।

शक्तिपीठ में वैदिक मंत्रोच्चार और विशेष अनुष्ठान

Gorakhpur गुरुवार की रात गोरखनाथ मंदिर का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत रहा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंदिर परिसर स्थित शक्तिपीठ में उपस्थित होकर आदिशक्ति के आठवें स्वरूप, मां महागौरी का पूजन किया। इस दौरान पीठ के विद्वान पुरोहितों और आचार्यों द्वारा किए गए वैदिक मंत्रोच्चार ने वातावरण में सकारात्मकता का संचार किया।

गोरक्षपीठ की प्राचीन और गौरवशाली परंपरा के अनुसार, मुख्यमंत्री ने माँ की प्रतिमा के सम्मुख बैठकर षोडशोपचार पूजन किया। इसमें धूप, दीप, नैवेद्य और पुष्प अर्पित कर देवी का आह्वान किया गया। मुख्यमंत्री, जो स्वयं एक संन्यासी और कठोर अनुशासन के पालनकर्ता हैं, उन्होंने पूरी निष्ठा के साथ इस अनुष्ठान को संपन्न किया।

लोकमंगल हेतु हवन और पूर्णाहूति

Gorakhpur अष्टमी तिथि के पूजन का मुख्य आकर्षण ‘हवन’ रहा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हवन कुंड में आहुति डालते हुए “लोकमंगल” यानी जन-कल्याण की प्रार्थना की। गोरक्षपीठ की यह परंपरा रही है कि यहाँ होने वाले अनुष्ठान केवल व्यक्तिगत सिद्धि के लिए नहीं, बल्कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की खुशहाली और राष्ट्र की प्रगति के लिए किए जाते हैं।

हवन के दौरान वेदपाठी विद्यार्थियों द्वारा किए गए पाठ से मंदिर की आभा और बढ़ गई। हवन की पूर्णाहुति के पश्चात मुख्यमंत्री ने मां आदिशक्ति की भव्य आरती की। आरती के बाद उपस्थित भक्तों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रार्थना की कि जगतजननी की कृपा से उत्तर प्रदेश में सुख, शांति और समृद्धि का वास हो और प्रदेशवासी हर प्रकार की व्याधि से मुक्त रहें।

साधना और सेवा का संगम: चैत्र नवरात्रि का महत्व

Gorakhpur वासंतिक नवरात्रि के प्रथम दिवस से ही गोरखनाथ मंदिर में माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों की विशेष आराधना का क्रम अनवरत जारी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रशासनिक व्यस्तताओं के बीच अपनी धार्मिक प्रतिबद्धता को बनाए रखा है। उनके लिए नवरात्रि का पर्व केवल उपवास तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आत्म-शुद्धि और शक्ति के संचय का मार्ग है, जिसे वे जनकल्याण के कार्यों में लगाते हैं।

अष्टमी के इस अनुष्ठान के बाद, अब नवमी तिथि पर कन्या पूजन की तैयारी है, जो गोरक्षपीठ का एक अत्यंत महत्वपूर्ण कार्यक्रम माना जाता है। मुख्यमंत्री स्वयं छोटी कन्याओं के पैर पखारकर उन्हें भोजन कराते हैं, जो समाज में नारी शक्ति के सम्मान का एक सशक्त संदेश देता है।

Also Read This: Horoscope: 27.03.2026, रामनवमी पर इन राशियों पर रहेगी विशेष कृपा