Report by: Prabhat Kumar
Godda : झारखंड के गोड्डा जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ मुफ्सिल थाना क्षेत्र के बंका गांव में दो सगे भाइयों की तालाब में डूबने से मौत हो गई। इस दुखद घटना ने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया है। स्कूल से लौटने के बाद खेलने निकले दोनों मासूमों को क्या पता था कि यह उनका आखिरी खेल साबित होगा।
खेलते-खेलते तालाब की गहराई में समाए मासूम
Godda प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक बच्चों की पहचान 12 वर्षीय विशाल कुमार और 10 वर्षीय नित्यम कुमार के रूप में हुई है। घटना वाले दिन दोनों भाई स्कूल से घर लौटे और रोजाना की तरह पास ही खेलने निकल गए।
जब शाम ढलने तक दोनों घर वापस नहीं आए, तो परिजनों की चिंता बढ़ने लगी। परिवार के सदस्यों और ग्रामीणों ने आसपास के इलाकों में काफी खोजबीन की, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिला। इसी बीच गांव के एक व्यक्ति ने जानकारी दी कि उसने बच्चों को दोपहर में तालाब के किनारे देखा था। इस सूचना पर ग्रामीण जब तालाब पहुंचे, तो वहां का मंजर देखकर सबके होश उड़ गए।
ग्रामीणों की मदद से रेस्क्यू और अस्पताल में घोषणा
Godda तालाब के पास पहुंचने पर ग्रामीणों को एक बच्चा पानी की सतह पर तैरता हुआ दिखाई दिया। अनहोनी की आशंका में ग्रामीणों ने तुरंत पानी में छलांग लगाई और तलाश शुरू की, जिसके बाद दूसरे भाई का शरीर भी पानी की गहराई से बरामद हुआ।
- आपातकालीन स्थिति: दोनों बच्चों को आनन-फानन में तालाब से बाहर निकालकर गोड्डा सदर अस्पताल ले जाया गया।
- चिकित्सकों का प्रयास: अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने तुरंत जांच शुरू की, लेकिन दुर्भाग्यवश काफी देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने दोनों भाइयों को मृत घोषित कर दिया।
- पुलिस की कार्रवाई: मुफ्सिल थाना प्रभारी आनंद साहा ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और पुलिस मामले की कानूनी जांच कर रही है।
ठेला चलाकर परिवार पालने वाले पिता पर टूटा दुखों का पहाड़
Godda यह हादसा केवल दो मौतों की खबर नहीं है, बल्कि एक हंसते-खेलते गरीब परिवार की रीढ़ टूटने की दास्तां है। मृतक विशाल और नित्यम, दिनेश कुमार पंडित के पुत्र थे।
दिनेश पंडित गांव-गांव जाकर ठेले पर झालमुड़ी और चाट बेचकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनके कुल तीन बच्चे थे (दो बेटे और एक बेटी), जिनमें से दोनों बेटों को नियति ने एक साथ छीन लिया। इस घटना के बाद से पीड़ित पिता और मां का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से गरीब पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है।
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