by-Ravindra Sikarwar
इजरायल-हमास संघर्ष के दो साल पूरे होने के ठीक बाद एक ऐतिहासिक मोड़ आया है। हमास ने सोमवार सुबह गाजा पट्टी से सात इजरायली बंधकों को रिहा कर दिया, जो 7 अक्टूबर 2023 के हमले के दौरान अपहृत किए गए थे। इनकी रिहाई लाल क्रॉस की निगरानी में हुई, और वे अब इजरायली सेना की हिरासत में हैं। यह रिहाई अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता से बने युद्धविराम समझौते का पहला चरण है, जिसमें हमास द्वारा कुल 20 जीवित बंधकों की रिहाई के बदले इजरायल 2,000 फिलिस्तीनी कैदियों को मुक्त करेगा। बंधकों की हालत के बारे में अभी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है, लेकिन परिवार और समर्थक तेल अवीव के होस्टेजेस स्क्वायर पर जश्न मना रहे हैं। यह घटना न केवल बंधकों के परिवारों के लिए राहत की सांस है, बल्कि मध्य पूर्व में शांति की नई उम्मीद भी जगाती है।
संघर्ष की पृष्ठभूमि: 7 अक्टूबर 2023 का काला दिन
यह कहानी 7 अक्टूबर 2023 से शुरू होती है, जब हमास के सशस्त्र समूहों ने इजरायल पर आश्चर्यजनक हमला किया। इस हमले में 1,200 से अधिक इजरायली मारे गए, और लगभग 250 नागरिकों और सैनिकों को बंधक बनाकर गाजा ले जाया गया। हमला इजरायल के दक्षिणी क्षेत्रों—किबुट्ज़, संगीत उत्सव स्थलों और सीमावर्ती इलाकों—पर केंद्रित था। हमास ने इसे “फिलिस्तीनी प्रतिरोध” का नाम दिया, जबकि इजरायल ने इसे “आतंकवादी कृत्य” करार दिया।
इसके जवाब में इजरायल ने गाजा पर व्यापक सैन्य अभियान शुरू किया, जिसमें हवाई हमले, जमीनी घुसपैठ और नाकाबंदी शामिल थी। गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय (हमास नियंत्रित) के अनुसार, इस युद्ध में 67,000 से अधिक फिलिस्तीनी मारे गए, जबकि इजरायल ने 14,000 से ज्यादा आतंकवादियों के मारे जाने का दावा किया। दो साल के दौरान कई छोटे-मोटे युद्धविराम हुए, जिनमें कुछ बंधकों की रिहाई हुई। उदाहरण के लिए, नवंबर 2023 और जनवरी 2025 के समझौतों में 33 जीवित और 8 मृत बंधकों को मुक्त किया गया। इजरायली सेना ने भी कुछ रेस्क्यू ऑपरेशन चलाए, जैसे जून 2024 में चार बंधकों की बचाव कार्रवाई। लेकिन 48 बंधक अभी भी गाजा में कैद थे, जिनमें से 20 को जीवित माना जा रहा था।
युद्धविराम समझौता: ट्रंप की भूमिका और सौदे की शर्तें
यह रिहाई ट्रंप प्रशासन की कूटनीतिक सफलता का परिणाम है। ट्रंप ने हाल ही में मिस्र में एक अंतरराष्ट्रीय शिखर सम्मेलन की मेजबानी की, जहां इजरायल, हमास, कतर, मिस्र और अमेरिका के प्रतिनिधियों ने समझौते पर हस्ताक्षर किए। समझौते के पहले चरण में:
- हमास 20 जीवित बंधकों को 72 घंटों के अंदर रिहा करेगा।
- इजरायल 250 लंबी सजा काट रहे फिलिस्तीनी कैदियों और 1,700 युद्ध के दौरान गिरफ्तार अन्य फिलिस्तीनियों को मुक्त करेगा।
- गाजा में “पूर्ण सहायता” की अनुमति दी जाएगी, जहां अकाल जैसी स्थिति पैदा हो चुकी है।
- नेटजरीम कॉरिडोर (गाजा को दो हिस्सों में बांटने वाली सड़क) को खोला जाएगा, ताकि फिलिस्तीनी नागरिक उत्तर गाजा लौट सकें।
ट्रंप ने कहा, “यह शांति योजना हमास की मंजूरी पर निर्भर है, लेकिन यह युद्ध समाप्ति की दिशा में बड़ा कदम है।” इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इसे “बंधकों की सुरक्षित वापसी” का अवसर बताया, जबकि हमास ने इसे “फिलिस्तीनी कैदियों की रिहाई” की जीत कहा। रिहाई का समय सोमवार सुबह 8 बजे (स्थानीय समय) तय था, और लाल क्रॉस का काफिला बंधकों को लेने गाजा पहुंचा।
रिहा हुए सात बंधक: कौन हैं ये, और उनकी कहानी
हमास ने पहले सात बंधकों को रिहा किया, जो इजरायल के विभिन्न क्षेत्रों से अपहृत किए गए थे। इनकी पहचान और पृष्ठभूमि इस प्रकार है:
- ओमरी मिरा: 40 वर्षीय इंजीनियर, जो नोवा संगीत उत्सव से अपनी साथी नोआ अर्गामानी के साथ अपहृत हुए थे। नोआ को पिछले साल इजरायली सेना ने रेस्क्यू किया था। अपहरण का वीडियो, जिसमें हमास के बंदूकधारी उन्हें अलग कर रहे थे, हमले की प्रमुख छवि बना। मार्च 2025 में रिहा बंधकों ने ओमरी का संदेश उनके परिवार तक पहुंचाया था।
- गाय गिल्बोआ-डलाल: 24 वर्षीय युवक, जो नोवा उत्सव में अपने भाई गल के साथ थे। गल ने बताया कि हमले की शुरुआत में रॉकेट बरसात के दौरान वे अलग हो गए। गाय को अपहृत कर लिया गया। अगस्त 2025 में हमास ने गाय का एक वीडियो जारी किया, जिसमें वह गाजा शहर में घूमते दिखे।
- एरियल कुणियो: 28 वर्षीय निवासी, किबुट्ज़ निर ओज से अपहृत। उनके भाई एतान ने बच निकलने के दौरान एरियल का आखिरी संदेश सुना: “हम एक भयानक फिल्म में फंसे हैं।” एरियल की साथी अर्बेल येहुद को जनवरी 2025 में रिहा किया गया था।
- मातन ज़ंगर: 32 वर्षीय व्यवसायी, किबुट्ज़ नाहल ओज से। हमास ने दिसंबर 2024 में उनका वीडियो जारी किया, जिसमें उन्होंने भोजन, पानी और दवाओं की कमी का जिक्र किया।
- ईतान हॉर्न: 38 वर्षीय इजरायल-अर्जेंटीना नागरिक, अपने भाई यैर के साथ निर ओज से अपहृत। यैर को फरवरी 2025 में रिहा किया गया था।
- बार रुबिनस्टीन: 25 वर्षीय छात्र, किबुट्ज़ नाहल ओज से। मई 2025 में उनके परिवार ने रिहाई के लिए बड़े प्रदर्शन किए थे।
- डेविड कुणियो: एरियल के भाई, निर ओज से अपहृत। उनकी पत्नी शैरॉन और जुड़वां बेटियां इमा व युली को नवंबर 2023 में रिहा किया गया था।
ये बंधक विभिन्न पृष्ठभूमियों से हैं—कुछ संगीत उत्सव से, कुछ किबुट्ज़ों से। उनके परिवारों ने दो साल तक अनिश्चितता में जीया, और कई ने सड़कों पर प्रदर्शन किए।
रिहाई की प्रक्रिया: लाल क्रॉस की भूमिका और सुरक्षा
सोमवार सुबह हमास ने बंधकों को लाल क्रॉस के काफिले को सौंपा। इजरायली सेना (आईडीएफ) ने काफिले की निगरानी की, और वे सीधे इजरायली क्षेत्र में ले जाए गए। चिकित्सकीय जांच के बाद परिवारों से मिलन होगा। होस्टेजेस एंड मिसिंग फैमिलीज फोरम ने कहा, “ट्रंप ने शांति के लिए सबसे ज्यादा योगदान दिया है।” तेल अवीव में हजारों लोग सार्वजनिक स्क्रीनिंग पर इंतजार कर रहे थे। एक परिवार ने ओमरी के लिए विशेष शर्ट बनाई, जो उनकी बेटियों ने तैयार की।
बंधकों की कैद की कठोर सच्चाई:
रिहा बंधकों के बयानों से कैद की भयावहता उजागर हुई है। पूर्व बंधक ताल शोहम, जो 505 दिनों तक कैद थे, ने बताया कि हमास के कैदियों ने क्रूरता दिखाई—भोजन की कमी, यातनाएं और मनोवैज्ञानिक दबाव। कुछ बंधकों को ड्रग्स दिए गए, जैसे क्लोनाजेपाम, ताकि वे रिहाई के समय “शांत” दिखें। इमेली डामारी, जो 471 दिनों बाद रिहा हुईं, ने कहा कि कैद के बाद भी “मानसिक जंजीरें” बनी रहती हैं। फरवरी 2025 में हमास ने कुछ बंधकों को अन्य रिहाई देखने के लिए ले जाया, लेकिन उन्हें मुक्त नहीं किया।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं: उम्मीद और चिंताएं
इजरायल में जश्न है, लेकिन कुछ परिवार चिंतित हैं कि बाकी बंधक (26 मृत माने गए, 2 लापता) का क्या होगा। नेतन्याहू ने कहा, “हम सभी बंधकों को लाएंगे।” हमास ने रिहाई को “विजय” बताया। फिलिस्तीनी परिवारों ने कैदियों की रिहाई पर खुशी जताई, लेकिन एक महिला ने कहा, “कोई जश्न नहीं, डर है कि उन्हें फिर गिरफ्तार न कर लें।” ट्रंप की नोबेल शांति पुरस्कार की दावेदारी पर भी बहस छिड़ गई।
आगे की राह: शांति की चुनौतियां
यह रिहाई युद्ध समाप्ति का पहला कदम है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि स्थायी शांति दूर है। गाजा में सहायता बहाली से अकाल कम होगा, लेकिन हमास की सत्ता और इजरायली नाकाबंदी के मुद्दे बाकी हैं। बंधकों की रिहाई से इजरायल में एकता मजबूत हुई है, लेकिन परिवारों को लंबे समय तक काउंसलिंग की जरूरत होगी।
यह घटना मध्य पूर्व के दर्दनाक संघर्ष को दर्शाती है, जहां मानवीय मूल्य राजनीति से ऊपर उठने चाहिए। सात बंधकों की घर वापसी न केवल उनके परिवारों की जीत है, बल्कि शांति की संभावना का संकेत भी। क्या यह समझौता युद्ध को हमेशा के लिए खत्म करेगा? आने वाले दिन बताएंगे।
