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संवाददाता: योगानंद श्रीवास्‍तव

रविवार को हुई श्री गंगोत्री मंदिर समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक में यह फैसला लिया गया। समिति के अध्यक्ष सुरेश सेमवाल ने जानकारी दी कि सनातन धर्म की मर्यादा और मंदिर की पवित्रता को बनाए रखने के लिए अब गंगोत्री धाम में गैर-हिंदुओं का प्रवेश वर्जित रहेगा। समिति का मानना है कि यह कदम सदियों पुरानी परंपराओं के संरक्षण के लिए आवश्यक है।

मुखबा में भी लागू रहेगी पाबंदी

गंगोत्री धाम के कपाट सर्दियों में भारी बर्फबारी के कारण बंद रहते हैं। इस दौरान मां गंगा की मूर्ति को उनके शीतकालीन निवास मुखबा गांव में लाया जाता है, जहाँ छह महीने तक उनकी पूजा होती है। समिति ने स्पष्ट किया है कि प्रवेश पर प्रतिबंध का यह आदेश मुखबा के मंदिर परिसर में भी समान रूप से लागू होगा।

बद्रीनाथ और केदारनाथ में भी उठ रही मांग

गंगोत्री मंदिर समिति के इस फैसले के बाद राज्य के अन्य प्रमुख धामों में भी ऐसी ही हलचल तेज हो गई है:

  • BKTC का रुख: श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बयान दिया है कि आगामी बोर्ड बैठक में बद्रीनाथ, केदारनाथ और उनके अधीन आने वाले सभी 45 मंदिरों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने का प्रस्ताव पेश किया जाएगा।
  • पवित्र शहर का दर्जा: हरिद्वार और ऋषिकेश को ‘सनातन पवित्र शहर’ घोषित करने और हरिद्वार के 105 घाटों पर भी गैर-हिंदुओं का प्रवेश सीमित करने की चर्चाएं जोरों पर हैं।