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by-Ravindra Sikarwar

यूक्रेन-रूस युद्ध के नवीनतम अध्याय में रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव और दक्षिणी बंदरगाह शहर ओडेसा सहित कई प्रमुख शहरों पर अभूतपूर्व हवाई हमला बोला है। इस हमले में कीव में कम से कम छह नागरिकों की मौत हो गई, जबकि ओडेसा और अन्य दक्षिणी क्षेत्रों में दो और लोगों की जान चली गई। यूक्रेनी अधिकारियों ने इसे “योजनाबद्ध और क्रूर” हमला करार दिया है, जो रूसी सेना की सर्दियों से पहले ऊर्जा बुनियादी ढांचे को नष्ट करने की रणनीति का हिस्सा लगता है। यह हमला न केवल मानवीय क्षति पहुंचा रहा है, बल्कि लाखों नागरिकों को बिजली और हीटिंग की कमी का सामना करने के लिए मजबूर कर रहा है।

हमले का पूरा विवरण और समयरेखा:
14-15 नवंबर 2025 की रात को शुरू हुए इस हमले की शुरुआत देर रात हुई, जब रूसी सेना ने ईरानी डिजाइन वाले उन्नत शाहेद-कामीकेज ड्रोन (जिन्हें अब तेज गति और बेहतर सेंसर से लैस किया गया है) और क्रूज मिसाइलों की भारी बौछार की। यूक्रेनी वायुसेना के अनुसार, रूस ने कुल 430 ड्रोन और 18 मिसाइलें दागीं, जो प्रति मिनट कई हमलों के साथ एक “सैलाब” जैसी स्थिति पैदा कर रही थीं। ये हमले तीन लहरों में आए: पहली लहर ड्रोन-प्रधान, दूसरी मिसाइल-मिश्रित, और तीसरी ऊर्जा लक्ष्यों पर केंद्रित।

  • कीव पर फोकस: राजधानी कीव हमले का मुख्य केंद्र रही, जहां नौ जिलों में हाई-राइज अपार्टमेंट कॉम्प्लेक्स, स्कूल, मेडिकल सेंटर और प्रशासनिक भवन क्षतिग्रस्त हो गए। विस्फोटों की आवाज पूरे शहर में गूंजी, और आग की लपटें रात भर जलती रहीं। शहर के सैन्य प्रशासन प्रमुख तिमुर टकाचेंको ने बताया कि “रूसी हमले आवासीय भवनों को निशाना बना रहे हैं—कीव के लगभग हर जिले में क्षतिग्रस्त इमारतें हैं।” छह मौतों में महिलाएं और बच्चे शामिल हैं, जबकि 50 से अधिक लोग घायल हुए। गिरे हुए मलबे से कई गाड़ियां जलकर राख हो गईं, और हजारों घरों में बिजली-पानी कट गया।
  • ओडेसा और दक्षिणी क्षेत्र: काला सागर तट पर स्थित ओडेसा में दो नागरिक मारे गए, जहां हमले ऊर्जा सुविधाओं और बंदरगाह बुनियादी ढांचे पर केंद्रित थे। स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, मिसाइलें आवासीय इलाकों में भी गिरीं, जिससे 20 से अधिक लोग घायल हुए। खार्किव (उत्तर-पूर्व) में भी हमले हुए, लेकिन ओडेसा की क्षति सबसे गंभीर रही। यूक्रेनी ऊर्जा कंपनी युक्रेनरगो ने चेतावनी दी कि ये हमले सर्दियों में हीटिंग आउटेज का खतरा बढ़ा रहे हैं।

यूक्रेनी एयर डिफेंस ने अधिकांश ड्रोन (करीब 400) और मिसाइलें (15 से अधिक) को नष्ट कर दिया, लेकिन बाकी ने 25 से ज्यादा स्थानों पर तबाही मचाई। रूसी रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि हमले “सैन्य-औद्योगिक कॉम्प्लेक्स और ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर” पर थे, लेकिन यूक्रेनी रिपोर्ट्स से साफ है कि नागरिक क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित हुए।

पीड़ितों की कहानियां और मानवीय प्रभाव:
कीव की रहने वाली नादिया चाक्रीगिना (35 वर्षीय मां) ने बताया, “विस्फोटों की गड़गड़ाहट ने मुझे जगाया। मैंने बच्चों को गोद में उठाया और मेट्रो स्टेशन की शेल्टर में भागी। धुआं और कांच के टुकड़े हर तरफ बिखरे थे।” एक अन्य निवासी वेलेंटिना ने कहा, “मैं नौवीं मंजिल पर छिपी रही, दोस्तों को मैसेज कर रही थी कि सब ठीक हैं या नहीं। यहां कोई सैन्य लक्ष्य नहीं, सिर्फ आम लोग।” एक सात वर्षीय बच्चा सहित घायलों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां आपातकालीन व्यवस्था चालू है।

ये हमले यूक्रेन की ऊर्जा प्रणाली को बुरी तरह प्रभावित कर रहे हैं। कीव में 12 घंटे से अधिक बिजली कटौती हुई, और ओडेसा में पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने से पानी की आपूर्ति बाधित है। अनुमान है कि लाखों लोग ठंड और अंधेरे का सामना करेंगे, जो रूसी सेना की “स्कॉर्च्ड अर्थ” (जली हुई धरती) रणनीति का हिस्सा है।

यूक्रेनी नेतृत्व की प्रतिक्रिया:
राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने हमले को “सुनियोजित, गणना की गई और दुष्ट” बताया। उन्होंने कहा, “यह हमला लोगों और नागरिक बुनियादी ढांचे को अधिकतम नुकसान पहुंचाने के लिए था। रूस की क्रूरता यूक्रेन की दृढ़ता को नहीं तोड़ सकती।” ज़ेलेंस्की ने अमेरिका और यूरोपीय संघ से अतिरिक्त एयर डिफेंस सिस्टम (जैसे पैट्रियट मिसाइलें) और रूस के तेल निर्यात पर नए प्रतिबंधों की मांग की। उन्होंने जी7 विदेश मंत्रियों की हालिया बैठक का हवाला देते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।

कीव के मेयर विटाली क्लिट्सचको ने नागरिकों से शेल्टर में रहने और बिजली बचत की अपील की। यूक्रेनी सशस्त्र बलों ने जवाबी कार्रवाई में रूसी तेल टर्मिनल (जैसे नोवोरोस्सिय्स्क बंदरगाह) पर ड्रोन हमले किए, जिससे बड़ी आग लग गई।

रूसी पक्ष और वैश्विक संदर्भ:
रूस ने हमलों को “उच्च-परिशुद्धता हथियारों से सैन्य लक्ष्यों पर” बताया, लेकिन स्वतंत्र रिपोर्ट्स इससे असहमत हैं। क्रेमलिन ने यूक्रेन के ड्रोन हमलों (जिनमें 13 ड्रोन रोस्टोव, बेलगोरोड आदि पर गिराए गए) का हवाला दिया। रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि वे अमेरिकी सीनेटर मार्को रुबियो से मिलने को तैयार हैं, लेकिन शांति वार्ता पर कोई प्रगति नहीं।

यह हमला युद्ध के 1354वें दिन आया, जब पूर्वी यूक्रेन में रूसी सेना पॉक्रोव्स्क शहर पर कब्जे के करीब है। यूक्रेनी कमांडरों को सलाह दी जा रही है कि शहरों को लंबे समय तक न थामें, ताकि सैनिकों की जान बचाई जा सके। अमेरिका-नेतृत्व वाली कूटनीतिक कोशिशें विफल हो चुकी हैं, और जी7 ने रूस पर तत्काल युद्धविराम की मांग की है।

भविष्य की चुनौतियां और आह्वान:
यह हमला यूक्रेन की लचीलापन को परख रहा है, लेकिन नागरिकों की हिम्मत अटल है। विशेषज्ञों का मानना है कि रूस की ड्रोन-मिसाइल रणनीति सर्दियों में और तेज होगी, जिसके लिए यूक्रेन को मजबूत हवाई रक्षा की जरूरत है। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय ने हमलों की निंदा की और नागरिक हताहतों पर जांच की मांग की।

यूक्रेन की जनता और सेना “हम झुकेंगे नहीं” का नारा दे रही है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तत्काल सहायता की उम्मीद है, ताकि यह संघर्ष जल्द समाप्त हो।