by-Ravindra Sikarwar
जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर के नौगाम इलाके में स्थित पुलिस थाने के अंदर शुक्रवार को एक भयावह हादसा हो गया। थाने के परिसर में रखे अमोनियम नाइट्रेट के नमूने की जांच और सैंपलिंग के दौरान अचानक जोरदार धमाका हुआ, जिसने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया। इस हादसे में कुल 9 लोगों की जान चली गई, जबकि 29 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
मृतकों में एक नायब तहसीलदार भी शामिल हैं, जो उस समय मौके पर मौजूद थे। घायलों में पुलिसकर्मी, राजस्व विभाग के अधिकारी और कुछ स्थानीय नागरिक शामिल हैं। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि थाने की इमारत का एक हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और आसपास की दीवारें ध्वस्त हो गईं।
जम्मू-कश्मीर पुलिस के महानिदेशक (डीजीपी) आर.आर. स्वैन ने प्रारंभिक जांच के आधार पर इस घटना को **दुर्घटना** करार दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कोई आतंकी हमला या साजिश नहीं थी, बल्कि अमोनियम नाइट्रेट के सुरक्षित भंडारण और हैंडलिंग में चूक के कारण हुई अनियंत्रित रासायनिक प्रतिक्रिया थी। डीजीपी ने बताया कि यह पदार्थ किसी पुराने मामले से जुड़ा जब्त सामान था, जिसे नष्ट करने से पहले सैंपलिंग की प्रक्रिया चल रही थी।
घटना का क्रम:
- अमोनियम नाइट्रेट को जब्त सामग्री के रूप में थाने में रखा गया था।
- राजस्व और पुलिस विभाग के संयुक्त दल ने सैंपल लेने की प्रक्रिया शुरू की।
- सुरक्षा मानकों की अनदेखी या तकनीकी खामी के कारण अचानक विस्फोट हुआ।
- धमाके के तुरंत बाद आसपास के अस्पतालों में आपातकालीन व्यवस्था लागू की गई।
बचाव और राहत कार्य:
घायलों को तत्काल श्रीनगर के एसएमएचएस अस्पताल और अन्य नजदीकी चिकित्सा केंद्रों में भर्ती कराया गया। सेना की मेडिकल टीम और एनडीआरएफ की इकाइयों ने भी मौके पर पहुंचकर राहत कार्य में सहयोग किया। गंभीर रूप से घायल कुछ मरीजों को विशेष उपचार के लिए बाहर रेफर किया जा रहा है।
जांच और आगे की कार्रवाई:
- घटना की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
- फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम मौके पर पहुंच चुकी है, जो विस्फोट के सटीक कारणों का पता लगाएगी।
- सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा की जा रही है, खासकर जब्त विस्फोटक पदार्थों के भंडारण और निपटान को लेकर।
- दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।
यह हादसा एक गंभीर चेतावनी है कि खतरनाक रासायनिक पदार्थों को संभालने में न्यूनतम सुरक्षा मानकों का पालन कितना जरूरी है। प्रशासन ने सभी थानों और गोदामों में तत्काल सुरक्षा ऑडिट शुरू करने के निर्देश जारी किए हैं।
परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह ने मृतकों के परिवारों को 5 लाख रुपये की अनुग्रह राशि और घायलों के इलाज का पूरा खर्च सरकार वहन करने की घोषणा की है।
यह दुर्घटना न केवल प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करती है, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त नीतियों की आवश्यकता पर भी जोर देती है। जांच रिपोर्ट आने के बाद और विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।
