Spread the love

by-Ravindra Sikarwar

नई दिल्ली: 10 नवंबर की शाम को दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले के पास एक सफेद ह्यूंडई i20 कार में हुए शक्तिशाली विस्फोट ने पूरे देश को हिला दिया था। इस घटना में अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 20 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हैं। जांच एजेंसियों के ताजा खुलासों ने फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी के जूनियर डॉक्टर **उमर नबी** (उनका पूरा नाम: डॉक्टर उमर मोहम्मद अली उर्फ उमर उन नबी) को मुख्य आरोपी के रूप में चिन्हित किया है। फॉरेंसिक रिपोर्ट्स से पुष्टि हुई है कि विस्फोट के समय कार में उमर नबी ही मौजूद थे, और यह धमाका संभवतः एक आत्मघाती हमले का हिस्सा था।

घटना का विवरण:

  • समय और स्थान: 10 नवंबर 2025 की शाम करीब 6:50 बजे, लाल किले के निकट चांदनी चौक क्षेत्र में सुएहरी मस्जिद पार्किंग लॉट के पास। 
  • विस्फोट का प्रकार: कार में लगभग 300-360 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट और अन्य विस्फोटक सामग्री भरी हुई थी, जो आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) बनाने के लिए इस्तेमाल होती है। विस्फोट इतना जोरदार था कि आसपास के वाहनों और इमारतों को क्षति पहुंची, और एक विशाल आग का गोला सड़क पर फैल गया। सीसीटीवी फुटेज में धमाके से ठीक पहले ट्रैफिक की हलचल दिखाई देती है, उसके बाद अफरा-तफरी मच जाती है। 
  • हादसे का असर: शुरुआती आंकड़ों में 8 मौतें और 20 घायल बताए गए थे, लेकिन 13 नवंबर तक एक घायल की मौत हो जाने से संख्या 13 पहुंच गई। घायलों का इलाज एलएनजेपी अस्पताल सहित कई मेडिकल सेंटर्स में चल रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 12 नवंबर को अस्पताल जाकर पीड़ितों से मुलाकात की और न्याय का आश्वासन दिया।

मुख्य संदिग्ध: डॉक्टर उमर नबी का प्रोफाइल

  • पृष्ठभूमि: उमर नबी मूल रूप से जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के रहने वाले हैं। मार्च 2024 में वे दिल्ली पहुंचे और जून 2024 में फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी के मेडिकल कॉलेज में जनरल मेडिसिन विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में शामिल हुए। उनकी उम्र लगभग 30-35 वर्ष बताई जा रही है। 
  • घटना से जुड़ाव: जांच में पता चला कि विस्फोट वाली कार (नंबर: HR 26CE7674) 29 अक्टूबर से 10 नवंबर तक अल-फलाह यूनिवर्सिटी कैंपस में पार्क थी। 10 नवंबर की सुबह उमर ने कार कैंपस से निकाली और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से होते हुए राजधानी में प्रवेश किया। सीसीटीवी फुटेज से साबित होता है कि वे बादरपुर बॉर्डर से दिल्ली में घुसे, कनॉट प्लेस और मयूर विहार जैसे इलाकों से गुजरे, और शाम 3:19 बजे सुएहरी मस्जिद पार्किंग में कार खड़ी की। शाम 6:30 बजे के आसपास विस्फोट हो गया। 
  • फॉरेंसिक सबूत: विस्फोट स्थल से मिले अवशेषों का डीएनए टेस्ट उमर की मां के सैंपल से मैच कर गया, जो 11 नवंबर को दिल्ली लाई गई थीं। जांचकर्ताओं का मानना है कि धमाका पूर्वनियोजित था, लेकिन रेड फरीदाबाद में चल रही छापेमारी के कारण घबराहट में समय से पहले ट्रिगर हो गया। उमर की लाल फोर्ड इकोस्पोर्ट कार भी फरीदाबाद में बरामद हुई है।

व्यापक आतंकी मॉड्यूल का खुलासा:
यह विस्फोट एक बड़े “व्हाइट-कॉलर टेरर मॉड्यूल” का हिस्सा था, जो जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़ा था। नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) की अगुवाई में चल रही जांच में उमर नबी के अलावा अन्य संदिग्ध सामने आए हैं: 

  • डॉ. मुजम्मिल गनई (अली अस मुजम्मिल शकील): पुलवामा का निवासी, अल-फलाह में असिस्टेंट प्रोफेसर। वे मॉड्यूल के कथित लीडर थे और कैंपस के बॉयज हॉस्टल रूम नंबर 13 में साजिश रची जाती थी। 
  • डॉ. शाहीन सईद (या शाहीन शाहिद): लखनऊ की रहने वाली, अल-फलाह में डॉक्टर। 
  • डॉ. अदील: कulgam (J&K) का निवासी, सहारनपुर से गिरफ्तार। 
  • अन्य: कुल 9-10 लोग गिरफ्तार, जिनमें हरियाणा के नूह जिले का एक दुकानदार शामिल है, जिसने अमोनियम नाइट्रेट बेचा। कुल 2,900 किलोग्राम विस्फोटक, हथियार, टाइमर और बैटरी बरामद। 

संदिग्ध स्विस ऐप थ्रीमा पर निजी सर्वर बनाकर संवाद करते थे। हैंडलर “उकासा” तुर्की से निर्देश देता था। मॉड्यूल ने दिल्ली और उत्तर प्रदेश में कई धमाकों की योजना बनाई थी, जिसमें 6 दिसंबर (बाबरी विध्वंस दिवस) को बड़ा हमला शामिल था। J&K, हरियाणा और UP पुलिस ने 19 अक्टूबर से छापे मारे, जिसमें 7-8 गिरफ्तारियां हुईं।

अल-फलाह यूनिवर्सिटी पर कार्रवाई:
फरीदाबाद के धौज गांव में स्थित यह निजी विश्वविद्यालय (1997 में इंजीनियरिंग कॉलेज के रूप में शुरू, 2014 में यूनिवर्सिटी बना) अब जांच के केंद्र में है। कैंपस से डायरी, नोटबुक और क्रिप्टिक कोड्स बरामद हुए, जो उमर और मुजम्मिल के थे। 

  • NAAC का नोटिस: नेशनल असेसमेंट एंड एक्रेडिटेशन काउंसिल (NAAC) ने 13 नवंबर को शो-कॉज नोटिस जारी किया, क्योंकि यूनिवर्सिटी ने अपनी वेबसाइट पर फर्जी एक्रेडिटेशन क्लेम किया था। 
  • ED की जांच: प्रवर्तन निदेशालय (ED) फंडिंग स्रोतों की जांच कर रहा है, संदेह है कि विदेशी फंड्स टेरर एक्टिविटीज के लिए इस्तेमाल हुए। 
  • AIU सस्पेंशन: एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज ने सदस्यता निलंबित कर दी। यूनिवर्सिटी ने आरोपों से इनकार किया है और सहयोग का दावा किया। 

कैंपस में बॉम्ब डिस्पोजल स्क्वॉड तैनात, और स्टाफ से पूछताछ जारी।

सरकारी और सुरक्षा एजेंसियों की प्रतिक्रिया:

  • केंद्र सरकार: 12 नवंबर को कैबिनेट ने इसे “आतंकी घटना” घोषित किया। गृह मंत्री अमित शाह ने NSA अजित डोभाल से मुलाकात की और “सबसे सख्त सजा” का वादा किया। MHA ने NIA को जांच सौंपी। 
  • सुरक्षा उपाय: लाल किला 2 दिनों के लिए और बंद। दिल्ली-NCR में हाई अलर्ट, JeM मॉड्यूल पर नजर। J&K में 2 हाइब्रिड टेररिस्ट गिरफ्तार। 
  • अंतरराष्ट्रीय कोण: तुर्की के हैंडलर की जांच, संयुक्त राष्ट्र और अन्य देशों से सहयोग मांगा। 

पीड़ितों और परिवारों का दर्द:
मृतकों में दिल्ली के स्थानीय निवासी, पर्यटक और राहगीर शामिल हैं। परिवार न्याय की मांग कर रहे हैं। घायलों में कई को बर्न इंजरी है, जिनकी हालत गंभीर बनी हुई।

जांच जारी है, और NIA ने विशेष टीम गठित की है। यह घटना राष्ट्रीय सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़ी करती है, खासकर एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस में घुसपैठ को लेकर।