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By: Ravindra Sikarwar

ग्वालियर का ऐतिहासिक व्यापार मेला न केवल सांस्कृतिक और व्यावसायिक गतिविधियों का केंद्र होता है, बल्कि यह वाहन खरीदने के इच्छुक लोगों के लिए भी खास महत्व रखता है। हर साल की तरह इस बार भी लोग इस उम्मीद में हैं कि राज्य सरकार व्यापार मेले के दौरान वाहनों की खरीदी पर रोड टैक्स में 50 प्रतिशत की छूट प्रदान करेगी। यह छूट आम लोगों के लिए बड़ी राहत साबित होती है, क्योंकि इससे वाहन खरीदना अपेक्षाकृत सस्ता हो जाता है और मध्यम वर्ग को विशेष लाभ मिलता है।

पिछले कई वर्षों से यह परंपरा रही है कि ग्वालियर व्यापार मेले के दौरान राज्य सरकार रोड टैक्स में छूट देती रही है। इस नीति के कारण न केवल वाहन बिक्री में तेजी आती है, बल्कि ऑटोमोबाइल सेक्टर को भी प्रोत्साहन मिलता है। मेले में देश-विदेश की कई नामी वाहन कंपनियां अपने नए मॉडल लॉन्च करती हैं और ग्राहकों को आकर्षक ऑफर दिए जाते हैं। रोड टैक्स में 50 फीसदी की छूट मिलने से ग्राहकों का उत्साह और बढ़ जाता है।

वर्तमान में वर्ष 2025-26 के लिए भी इसी तरह की छूट को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। प्रदेश के जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर ग्वालियर व्यापार मेले के दौरान वाहनों की खरीदी पर रोड टैक्स में 50 प्रतिशत की छूट देने का आग्रह किया है। मंत्री सिलावट का कहना है कि इस छूट से न केवल आम जनता को राहत मिलेगी, बल्कि राज्य के राजस्व पर भी इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा, क्योंकि वाहन बिक्री बढ़ने से अन्य करों के माध्यम से सरकार को लाभ होगा।

ग्वालियर-चंबल अंचल के लोगों के लिए यह मेला विशेष महत्व रखता है। आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में लोग वाहन खरीदने के लिए यहां पहुंचते हैं। दोपहिया, तिपहिया और चारपहिया वाहनों की बिक्री में इस दौरान उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखी जाती है। व्यापारियों का मानना है कि यदि सरकार समय पर रोड टैक्स छूट की घोषणा कर देती है, तो मेले की रौनक और अधिक बढ़ जाएगी।

व्यापार मेला न केवल खरीद-बिक्री का मंच है, बल्कि यह रोजगार और पर्यटन को भी बढ़ावा देता है। हजारों छोटे-बड़े दुकानदार, अस्थायी कर्मचारी और सेवा प्रदाता इस मेले से जुड़े होते हैं। वाहन सेक्टर में छूट मिलने से बैंक, बीमा और फाइनेंस कंपनियों की गतिविधियां भी बढ़ जाती हैं, जिससे आर्थिक चक्र को गति मिलती है।

हालांकि, अब तक सरकार की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में वाहन खरीदने की योजना बना रहे लोग निर्णय का इंतजार कर रहे हैं। कई ग्राहक मेले में वाहन बुक तो कर रहे हैं, लेकिन रोड टैक्स छूट की घोषणा होने के बाद ही अंतिम भुगतान करने की बात कह रहे हैं। इससे साफ है कि सरकार के फैसले का सीधा असर बाजार पर पड़ने वाला है।

कुल मिलाकर, ग्वालियर व्यापार मेले में रोड टैक्स में 50 प्रतिशत छूट की मांग न केवल व्यापारियों और वाहन कंपनियों की है, बल्कि आम जनता की भी है। यदि सरकार इस पर सकारात्मक निर्णय लेती है, तो यह कदम आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ-साथ लोगों की जेब पर बोझ भी कम करेगा। अब सबकी निगाहें राज्य सरकार और मुख्यमंत्री के फैसले पर टिकी हैं, जो आने वाले दिनों में इस मेले की दिशा और दशा तय करेगा।