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by-Ravindra Sikarwar

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दिल्ली में आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता और विधायक सौरभ भारद्वाज और अन्य से जुड़े परिसरों पर छापेमारी की है। यह छापेमारी कथित तौर पर दिल्ली में पिछली AAP सरकार के दौरान हुए अस्पताल निर्माण घोटाले से संबंधित है।

ईडी की छापेमारी और आरोप:
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार को दिल्ली में लगभग एक दर्जन स्थानों पर तलाशी ली। यह छापेमारी धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत की गई, और इसका उद्देश्य कथित घोटाले और अनियमितताओं की जांच करना है। दिल्ली भाजपा द्वारा पिछले साल अगस्त में दायर एक शिकायत के बाद यह मामला सामने आया। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य अवसंरचना परियोजनाओं में “गंभीर अनियमितताएं और भ्रष्टाचार” हुआ है।

आरोप हैं कि 2018-19 के दौरान ₹5,590 करोड़ की लागत वाली 24 अस्पताल परियोजनाएं स्वीकृत की गईं। हालांकि, ये परियोजनाएं अधूरी रह गईं और उनकी लागत में भी काफी वृद्धि हुई। इसी तरह, ₹1,125 करोड़ की आईसीयू अस्पताल परियोजना, जिसे छह महीने में पूरा होना था, तीन साल बाद भी केवल 50% ही पूरी हो पाई है, जबकि इस पर ₹800 करोड़ खर्च हो चुके हैं। ईडी अधिकारियों का कहना है कि उनकी जांच प्राथमिकी में लगे आरोपों पर आधारित है, जिसमें बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार, लागत में वृद्धि, और सरकारी धन के दुरुपयोग का जिक्र है।

आम आदमी पार्टी (AAP) का दावा:
ईडी की इस कार्रवाई के बाद, AAP और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। AAP नेताओं ने इसे राजनीति से प्रेरित बताया है और दावा किया है कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शैक्षणिक योग्यता से जुड़े विवाद से ध्यान हटाने का प्रयास है।

पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि जब यह मामला पहली बार दर्ज हुआ था, तब भारद्वाज दिल्ली सरकार में मंत्री भी नहीं थे। उन्होंने इस मामले को निराधार बताया और आरोप लगाया कि जांच एजेंसियां झूठे मामलों का उपयोग कर AAP नेताओं को निशाना बना रही हैं, जैसा कि पहले सत्येंद्र जैन के मामले में देखा गया था। एक अन्य AAP नेता आतिशी ने भी कहा कि सत्येंद्र जैन को तीन साल तक जेल में रखा गया था, लेकिन उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं मिला और अब कथित तौर पर उनके मामले में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की गई है।

भाजपा का पलटवार:
वहीं, दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने AAP सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ईडी की छापेमारी से भाजपा के लंबे समय से लगाए जा रहे वित्तीय अनियमितताओं के आरोप सही साबित हुए हैं और अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली सरकार ने पिछले एक साल में “दिल्ली को लूटा है।”