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by-Ravindra Sikarwar

आगरा के जगदीशपुरा इलाके में तड़के सुबह हुए एक हादसे ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया। घर में चार्जिंग पर लगी इलेक्ट्रिक स्कूटी अचानक शॉर्ट सर्किट की वजह से आग का शिकार हो गई। कुछ ही मिनटों में आग इतनी भीषण हो गई कि कमरे में सो रहे बुजुर्ग दंपती उसकी चपेट में आ गए और जिंदा जलकर उनकी मौत हो गई।

कैसे हुआ हादसा?
मंगलवार तड़के करीब 3 से 4 बजे के बीच लक्ष्मीनगर स्थित प्रमोद अग्रवाल के घर में यह हादसा हुआ।

  • ग्राउंड फ्लोर पर 90 वर्षीय भगवती प्रसाद और उनकी पत्नी उर्मिला देवी (85) सो रहे थे।
  • कमरे में इलेक्ट्रिक स्कूटी चार्जिंग पर लगी हुई थी।
  • अचानक बैटरी में शॉर्ट सर्किट हुआ और स्कूटी में विस्फोट के बाद आग फैल गई।

बुजुर्ग दंपती दरवाजा नहीं खोल पाए और कमरे में ही फंस गए। जबकि ऊपर मंजिल पर रह रहा बेटा और उसका परिवार शोर सुनकर नीचे आने की कोशिश करता रहा, लेकिन लपटों की वजह से नीचे नहीं उतर सका।

बेटी ने दी पहली जानकारी:
प्रमोद अग्रवाल की 14 वर्षीय बेटी काकुल उस समय दादा-दादी के साथ ही नीचे सो रही थी। विस्फोट के बाद दादा ने उसे जगाया और वह किसी तरह ऊपर भागकर अपने माता-पिता को बुलाने गई। लेकिन तब तक आग पूरे कमरे को घेर चुकी थी।

दमकल की देरी और मौत:
परिवार और पड़ोसियों ने पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग की लपटें तेज होती गईं। अंततः फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई। लगभग आधे घंटे बाद दमकल की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया।

जब आग बुझाई गई, तब तक बुजुर्ग दंपती गंभीर रूप से जल चुके थे। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

पड़ोसियों की गवाही:
क्षेत्रीय पार्षद अमित पटेल ने बताया कि यह मकान 40 गज का दो मंजिला है। हाल ही में परिवार ने इसे बेच दिया था और जल्दी ही खाली करने की तैयारी थी। मगर हादसे ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।

पुलिस का बयान:
जगदीशपुरा थाना प्रभारी प्रदीप कुमार ने पुष्टि की कि

  • मौके पर ही भगवती प्रसाद की मौत हो गई थी।
  • उर्मिला देवी को गंभीर हालत में एसएन मेडिकल कॉलेज भेजा गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।

इलेक्ट्रिक वाहनों में बढ़ते हादसे:
यह हादसा एक बार फिर इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी सुरक्षा पर सवाल खड़ा करता है। बीते कुछ महीनों में देशभर से कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां चार्जिंग के दौरान बैटरी में शॉर्ट सर्किट हुआ और आग लग गई।

निष्कर्ष:
आगरा का यह हादसा बताता है कि इलेक्ट्रिक स्कूटी या किसी भी बैटरी-आधारित वाहन को चार्ज करते समय सुरक्षा उपायों को नजरअंदाज करना कितना खतरनाक साबित हो सकता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि

  • चार्जिंग के दौरान वाहन को हमेशा खुली जगह पर रखें,
  • लंबे समय तक लगातार चार्जिंग से बचें,
  • और खराब चार्जर या तार का प्रयोग कभी न करें।

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