by-Ravindra Sikarwar
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने आर्थिक प्रथाओं को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने पर जोर दिया और व्यापार उपायों को गैर-व्यापारिक मामलों से जोड़ने के खिलाफ चेतावनी दी।
जयशंकर के भाषण के मुख्य बिंदु:
- निष्पक्ष और पारदर्शी आर्थिक प्रथाएं: जयशंकर ने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था को मजबूत और टिकाऊ बनाने के लिए सभी देशों को निष्पक्ष और पारदर्शी आर्थिक नीतियों का पालन करना चाहिए। उन्होंने किसी भी तरह के अनुचित लाभ या भेदभावपूर्ण व्यवहार को समाप्त करने की आवश्यकता पर बल दिया।
- गैर-व्यापारिक मामलों से जोड़ना: उन्होंने विशेष रूप से कुछ देशों द्वारा व्यापार प्रतिबंधों या टैरिफ को मानवाधिकार, पर्यावरण या अन्य गैर-व्यापारिक मुद्दों से जोड़ने की प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त की। जयशंकर ने कहा कि इस तरह के कदम से वैश्विक व्यापार में अनिश्चितता और अस्थिरता आती है।
- विकासशील देशों की चिंताएं: उन्होंने विकासशील देशों की चुनौतियों और उनकी जरूरतों पर भी ध्यान केंद्रित किया। जयशंकर ने कहा कि वैश्विक आर्थिक व्यवस्था को इन देशों के हितों को ध्यान में रखकर बनाया जाना चाहिए। उन्होंने ब्रिक्स देशों से इस दिशा में मिलकर काम करने का आग्रह किया।
इस बयान से यह स्पष्ट होता है कि भारत वैश्विक व्यापार में एक समान और न्यायपूर्ण व्यवस्था चाहता है, जो किसी भी देश के लिए अनुचित बाधाएं पैदा न करे।
