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Report by: Yogendra Singh

Durg : छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से मानवता को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है। धमधा विकासखंड के अंतर्गत आने वाले ग्राम दनिया (बोरी) में एक किसान ने अपनी फसल की सुरक्षा के नाम पर दो मासूम लंगूरों की गोली मारकर हत्या कर दी। बेजुबानों के प्रति इस क्रूरता ने न केवल वन विभाग को चौकन्ना कर दिया है, बल्कि स्थानीय ग्रामीणों में भी भारी रोष व्याप्त है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को धर दबोचा है।

Durg मामूली नुकसान का खौफनाक बदला: चने की फसल बनी मौत का कारण

मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी अजय पटेल के खेत में चने की फसल लगी हुई थी। चने के पौधों को लंगूरों द्वारा नुकसान पहुँचाए जाने के संदेह में अजय ने आत्मघाती कदम उठाया। उसने अपनी एयरगन निकाली और वहां मौजूद दो लंगूरों पर सीधे फायर कर दिया। गोली लगने से दोनों लंगूरों की तड़प-तड़प कर मौके पर ही मौत हो गई। किसी वन्यजीव को महज फसल बचाने के लिए मौत के घाट उतार देना, समाज में घटती संवेदनशीलता को दर्शाता है।

Durg अपराध छिपाने की साजिश: शव को दफनाया, कुत्तों ने नोचा

हत्या करने के बाद आरोपी ने कानून के शिकंजे से बचने के लिए साक्ष्यों को मिटाने की कोशिश की। उसने एक लंगूर के शव को चुपचाप जमीन में दफना दिया। हालांकि, दूसरे लंगूर का शव वह नहीं छुपा सका, जो खुले खेत में पड़ा रहा। बाद में आवारा कुत्तों ने उस शव को बुरी तरह नोच लिया। जब ग्रामीणों ने यह दृश्य देखा और गांव में खून से लथपथ शवों की बात फैली, तब जाकर पुलिस और वन विभाग को सूचित किया गया।

Durg संरक्षित ‘हनुमान लंगूर’ की हत्या: वन विभाग की कड़ी कार्रवाई

सूचना मिलते ही वन विभाग और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने दनिया गांव में दबिश दी। जांच के दौरान यह आधिकारिक पुष्टि हुई कि मारे गए लंगूर ‘हनुमान लंगूर’ प्रजाति के थे। भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम (Wildlife Protection Act) के तहत यह प्रजाति अनुसूची-2 में शामिल है, जिसका शिकार करना एक गैर-जमानती और गंभीर अपराध है। अधिकारियों ने आरोपी के पास से वारदात में इस्तेमाल की गई एयरगन को जब्त कर लिया है।

Durg कानूनी शिकंजा: 21 अप्रैल तक जेल की सलाखों के पीछे आरोपी

दुर्ग पुलिस ने आरोपी अजय पटेल के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपी को स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 21 अप्रैल तक के लिए न्यायिक हिरासत (Jail) में भेज दिया गया है। वन विभाग ने इस घटना के बाद चेतावनी जारी की है कि वन्यजीवों को नुकसान पहुँचाना किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं है। विभाग ने किसानों से अपील की है कि फसल सुरक्षा के लिए हिंसा के बजाय वैज्ञानिक और अहिंसक तरीकों का उपयोग करें।

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