By: Ravindra Sikarwar
जबलपुर: सिवनी जिले में हुए चर्चित 3 करोड़ रुपए के हवाला लूटकांड में आरोपी बनाई गई एसडीओपी (DSP) पूजा पांडे को जेल से बाहर आने के लिए अभी और इंतजार करना होगा। सेशन कोर्ट द्वारा जमानत अर्जी खारिज किए जाने के बाद उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन शुक्रवार को उनकी याचिका पर हुई सुनवाई में भी कोई राहत नहीं मिली। हाईकोर्ट ने वरिष्ठ अधिवक्ता की उपस्थिति के लिए समय दिए जाने की मांग स्वीकार करते हुए सुनवाई को अगले सप्ताह के लिए टाल दिया है। इससे साफ है कि पूजा पांडे को कम से कम आने वाले कुछ दिनों तक जेल में ही रहना पड़ेगा।
जमानत अर्जी खारिज होने के बाद हाईकोर्ट की शरण में DSP
सिवनी हवाला लूटकांड में नाम आने के बाद से DSP पूजा पांडे पर गंभीर आरोप हैं। मामले में पुलिस और विशेष जांच टीमें सक्रिय हैं। सेशन कोर्ट ने प्रारंभिक सुनवाई के दौरान ही उनके खिलाफ लगे आरोपों को गंभीर मानते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया था। इसके बाद पूजा पांडे ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की, जिसमें उन्होंने दलील दी कि उन्हें गलत तरीके से फंसाया गया है और उनके खिलाफ ठोस सबूत नहीं हैं।
शुक्रवार को हाईकोर्ट में इस याचिका पर सुनवाई हुई। उनकी ओर से उपस्थित अधिवक्ता ने बताया कि मामले की जटिलता और गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता की उपस्थिति आवश्यक है, जिसके लिए कुछ समय चाहिए। अदालत ने इस आग्रह को स्वीकार करते हुए अगली सुनवाई अगले सप्ताह तय कर दी।
इसलिए पूजा पांडे को फिलहाल न्यायिक हिरासत में ही रहना होगा, क्योंकि जमानत पर फैसला अभी लंबित है।
क्या है सिवनी हवाला लूटकांड?
पूरा मामला उस समय सुर्खियों में आया जब सिवनी जिले में हवाला रकम ले जा रहे एक वाहन से करीब 3 करोड़ रुपए की लूट की गई थी। आरोप है कि एक संगठित गिरोह ने इस रकम को जबरन कब्जे में लिया, और इसमें कुछ पुलिसकर्मियों की संलिप्तता भी सामने आई। जांच के दौरान कई संदिग्धों से पूछताछ की गई, जिनमें DSP पूजा पांडे का नाम भी उभरा। बाद में उन्हें आरोपी बनाकर गिरफ्तार किया गया।
जांच एजेंसियों के अनुसार, हवाला कारोबारियों की गतिविधियों और रकम के स्थानांतरण से जुड़े महत्वपूर्ण इनपुट मिलने पर पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी जांच की गई। इसी सिलसिले में कई अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई हुई है।
अभियोजन पक्ष के गंभीर आरोप, बचाव पक्ष का दावा—साजिश का शिकार
अभियोजन पक्ष के वकीलों का कहना है कि DSP पूजा पांडे की भूमिका प्रथम दृष्टया संदिग्ध पाई गई है। उन पर सूचना लीक करने, लूट की योजना में सहयोग देने और घटनास्थल पर मौजूद रहने जैसे आरोपों की जांच चल रही है। जांच टीम का दावा है कि उनके पास ऐसे सबूत हैं जिनसे यह साबित होता है कि आरोप केवल संयोगवश नहीं, बल्कि जानबूझकर किए गए कृत्य से जुड़े हैं।
वहीं बचाव पक्ष ने पूरी तरह से आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि पूजा पांडे कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी हैं और हवाला कारोबारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई का ही उन्हें खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने अदालत में यह भी कहा कि पूजा की गिरफ्तारी जल्दबाज़ी में की गई और उनसे जुड़े किसी भी कथित सबूत की सत्यता संदेहास्पद है।
अगली सुनवाई तक अनिश्चितता बरकरार, अधिकारी व परिजन चिंतित
जमानत पर निर्णय टल जाने के बाद अब सभी की निगाहें अगले सप्ताह होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं। DSP पूजा पांडे की गिरफ्तारी के बाद पुलिस विभाग के भीतर भी हलचल बनी हुई है। कुछ अधिकारी इसे विभाग की प्रतिष्ठा पर प्रश्नचिह्न मान रहे हैं, वहीं कुछ कहते हैं कि यदि कोई भी अधिकारी गलत काम में शामिल है तो कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
दूसरी ओर पूजा पांडे के परिजन लगातार यह उम्मीद जता रहे हैं कि अदालत उन्हें जल्द राहत देगी। उनका कहना है कि पूजा पर लगाए गए आरोप राजनीतिक और व्यक्तिगत रंजिश के कारण लगाए गए हैं।
फिलहाल स्थिति यह है कि DSP पूजा पांडे को जमानत मिलने में अभी वक्त लगेगा, क्योंकि हाईकोर्ट ने सुनवाई को अगले सप्ताह तक स्थगित कर दिया है। 3 करोड़ के हवाला लूटकांड में उनका नाम आने के बाद यह मामला लगातार सुर्खियों में है और पुलिस तथा न्यायालय दोनों की नजर इस पर बनी हुई है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आगामी सुनवाई में अदालत क्या रुख अपनाती है।
