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by-Ravindra Sikarwar

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने करीबी सहयोगी सर्जियो गोर को भारत में अगला अमेरिकी राजदूत नामित किया है। यह घोषणा ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर की। गोर वर्तमान में व्हाइट हाउस के राष्ट्रपति कार्मिक कार्यालय के निदेशक के रूप में कार्यरत हैं और सीनेट द्वारा पुष्टि होने तक इस भूमिका में बने रहेंगे।

ट्रंप ने गोर को “एक महान मित्र” बताया और कहा कि वह उन पर पूरी तरह भरोसा करते हैं। ट्रंप के अनुसार, गोर ने उनके ऐतिहासिक अभियानों में काम किया, उनकी सबसे ज़्यादा बिकने वाली किताबें प्रकाशित कीं, और उनके आंदोलन का समर्थन करने वाले सबसे बड़े सुपर PACs (राजनीतिक कार्रवाई समितियों) में से एक का नेतृत्व किया। ट्रंप ने यह भी कहा कि गोर और उनकी टीम ने रिकॉर्ड समय में लगभग 4,000 अधिकारियों की भर्ती की है।

एलॉन मस्क और सर्जियो गोर के बीच विवाद:
इस नामांकन ने इसलिए भी सुर्खियां बटोरी हैं, क्योंकि अरबपति कारोबारी एलॉन मस्क ने एक बार सर्जियो गोर को “साँप” कहा था। यह विवाद तब शुरू हुआ जब कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि हजारों व्हाइट हाउस कर्मचारियों की जांच करने वाले गोर ने खुद अपनी स्थायी सुरक्षा मंजूरी के लिए आवश्यक कागजात जमा नहीं किए थे। इसी खबर पर प्रतिक्रिया देते हुए, मस्क ने गोर को “साँप” कहा था।

रिपोर्ट्स के अनुसार, मस्क और गोर के बीच तनाव का एक बड़ा कारण यह भी था कि गोर ने ट्रंप को मस्क के करीबी दोस्त जेरेड आइज़ैकमेन की नासा प्रमुख के रूप में नियुक्ति वापस लेने की सलाह दी थी। गोर ने ट्रंप को एक डोसियर दिया था जिसमें आइज़ैकमेन के डेमोक्रेट्स को दिए गए पुराने चंदे का उल्लेख था, जिसके बाद उनकी नियुक्ति रद्द कर दी गई। इस घटना ने दोनों के बीच के रिश्ते को और भी कड़वा कर दिया।

सर्जियो गोर कौन हैं?

  • उत्पत्ति: सर्जियो गोर का जन्म ताशकंद, उज़्बेकिस्तान में हुआ था, जो उस समय सोवियत संघ का हिस्सा था। वह 1999 में अपने परिवार के साथ अमेरिका आ गए।
  • राजनीतिक करियर: उन्होंने जॉर्ज वाशिंगटन विश्वविद्यालय में पढ़ाई की और बाद में रिपब्लिकन राजनीति में सक्रिय हो गए। उन्होंने सीनेटर रैंड पॉल के लिए भी काम किया और बाद में ट्रंप के राजनीतिक दायरे में शामिल हो गए।
  • ट्रंप के साथ संबंध: गोर ट्रंप के सबसे भरोसेमंद और पर्दे के पीछे के प्रभावशाली लोगों में से एक माने जाते हैं। ट्रंप उन्हें “निष्ठावान” (loyal) मानते हैं, हालांकि आलोचक उन्हें “मनमौजी” (capricious) भी कहते हैं।
  • राजनयिक अनुभव: गोर को विदेश नीति का बहुत अधिक अनुभव नहीं है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का उन पर भरोसा भारत के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत है।

गोर भारत में एरिक गार्सेटी की जगह लेंगे, जो मई 2023 से जनवरी 2025 तक राजदूत के पद पर थे। इस नियुक्ति से भारत और अमेरिका के बीच के संबंधों पर भी असर पड़ने की उम्मीद है, खासकर तब जब दोनों देशों के बीच टैरिफ को लेकर तनाव चल रहा है।