by-Ravindra Sikarwar
मध्य प्रदेश कांग्रेस में दो दिग्गज नेताओं, दिग्विजय सिंह और कमल नाथ, के बीच बढ़ते मतभेदों की खबरें राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार, दोनों वरिष्ठ नेताओं के बीच आगामी विधानसभा चुनावों की रणनीति, उम्मीदवारों के चयन और पार्टी में वर्चस्व को लेकर खींचतान चल रही है।
कमल नाथ, जो पिछले विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार थे, अपनी पुरानी टीम के साथ काम करना चाहते हैं। वहीं, दिग्विजय सिंह पार्टी में नई ऊर्जा लाने और युवा चेहरों को आगे बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं। इन मतभेदों का असर पार्टी के भीतर गुटबाजी के रूप में देखा जा रहा है, जिससे कार्यकर्ताओं में असमंजस की स्थिति है। पार्टी के कई नेता मानते हैं कि अगर यह आंतरिक कलह जल्द सुलझाई नहीं गई तो इसका सीधा नुकसान आगामी चुनावों में हो सकता है।
सतना में बवाल: विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा ने शिवराज सिंह चौहान को दिखाए काले झंडे
सतना जिले में किसानों को हो रही खाद की किल्लत को लेकर राजनीतिक पारा चढ़ गया है। कांग्रेस विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा ने इस मुद्दे पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को न केवल काले झंडे दिखाए, बल्कि उनके साथ तीखी बहस भी की। यह घटना तब हुई जब शिवराज सिंह चौहान सतना जिले के दौरे पर थे।
किसानों के प्रतिनिधिमंडल के साथ आए विधायक कुशवाहा ने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य सरकार दोनों ही किसानों की समस्याओं को नजरअंदाज कर रही हैं। उन्होंने कहा कि समय पर खाद न मिलने से फसलें खराब हो रही हैं और किसान आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।
शिवराज सिंह चौहान ने इस विरोध को राजनीतिक स्टंट बताया और दावा किया कि सरकार किसानों के हित में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि खाद की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। हालांकि, इस घटना ने यह साफ कर दिया है कि उर्वरक की कमी का मुद्दा एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन चुका है और विपक्ष इसे सरकार के खिलाफ भुनाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है।
