By: Ravindra Sikarwar
Wheather news: मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में सर्दी का प्रकोप जारी है। घने कोहरे और शीत लहर के कारण लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है। सुबह के समय दृश्यता बेहद कम हो जाने से सड़क और रेल यातायात में भारी असुविधा हो रही है। कई ट्रेनें देरी से चल रही हैं, जबकि हाईवे पर वाहन रेंगते हुए आगे बढ़ रहे हैं। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने चेतावनी जारी की है कि अगले कुछ दिनों तक ऐसी ही स्थिति बनी रहेगी, जिससे कोई बड़ी राहत की उम्मीद नहीं है।
सबसे कम तापमान का रिकॉर्ड
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में खजुराहो क्षेत्र में सबसे कम तापमान दर्ज किया गया, जो मात्र 3.4 डिग्री सेल्सियस रहा। यह राज्य में सबसे ठंडा स्थान बना। अन्य जिलों जैसे ग्वालियर, राजगढ़ और दतिया में भी तापमान सामान्य से काफी नीचे रहा। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में भी तापमान 3.3 डिग्री तक गिर गया, जिससे पूरे क्षेत्र में ठिठुरन बढ़ गई है। रात के समय तापमान में और गिरावट आने से लोगों को घरों में रहने को मजबूर होना पड़ रहा है।
यातायात और दैनिक जीवन पर प्रभाव
घने कोहरे के कारण सुबह और शाम के समय विजिबिलिटी शून्य के करीब पहुंच जाती है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। रेलवे ने कई ट्रेनों की देरी की सूचना जारी की है, जबकि सड़कों पर वाहन चालकों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। किसान भी चिंतित हैं क्योंकि फसलों पर पाला पड़ने की आशंका है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि बुजुर्ग और बच्चे घर से बाहर निकलते समय गर्म कपड़े पहनें और ठंड से बचाव के उपाय अपनाएं।
आगे की भविष्यवाणी
मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में शीत लहर की स्थिति 9 और 10 जनवरी को भी बनी रहेगी। घना कोहरा उत्तर भारत के कई राज्यों सहित इन क्षेत्रों में सुबह के समय प्रभावी रहेगा। राहत की कोई संभावना निकट भविष्य में नहीं दिख रही। लोगों से अपील है कि वे अनावश्यक यात्रा टालें और मौसम अपडेट पर नजर रखें।

