Delhi : देश की राजधानी दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मंगलवार सुबह एक बड़ा हादसा टल गया। स्पाइसजेट की लेह जाने वाली उड़ान में उड़ान भरने के कुछ ही मिनट बाद इंजन में तकनीकी खराबी आ गई, जिसके बाद पायलटों ने सूझबूझ दिखाते हुए विमान को वापस दिल्ली मोड़ लिया। विमान में लगभग 150 यात्री सवार थे, जिन्हें सुरक्षित उतार लिया गया। हालांकि घटना ने एक बार फिर विमानन सुरक्षा मानकों पर चर्चा तेज कर दी है।
उड़ान के दौरान आई तकनीकी समस्या, विमान लौटाया गया
Delhi स्पाइसजेट की फ्लाइट SG121 ने निर्धारित समय पर दिल्ली से लेह के लिए उड़ान भरी थी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, विमान जब निर्धारित ऊंचाई की ओर बढ़ रहा था, तभी क्रू को एक इंजन में असामान्य गतिविधि का संकेत मिला। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पायलटों ने जोखिम लेने के बजाय तत्काल एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) से संपर्क किया और विमान को वापस दिल्ली लाने का निर्णय लिया।
पायलटों की तत्परता और प्रशिक्षित प्रतिक्रिया के चलते संभावित बड़ा हादसा टल गया। यात्रियों को भी स्थिति की जानकारी शांतिपूर्वक दी गई, जिससे विमान के भीतर किसी तरह की अफरा-तफरी नहीं मची।
दिल्ली एयरपोर्ट पर ‘फुल इमरजेंसी’ घोषित
Delhi जैसे ही विमान के लौटने की सूचना मिली, दिल्ली एयरपोर्ट प्रशासन ने एहतियात के तौर पर ‘फुल इमरजेंसी’ घोषित कर दी। रनवे के आसपास दमकल की गाड़ियां और एंबुलेंस तैनात कर दी गईं। अन्य उड़ानों की आवाजाही को अस्थायी रूप से रोका गया ताकि संबंधित विमान को प्राथमिकता के साथ सुरक्षित लैंडिंग कराई जा सके।
कुछ समय बाद विमान ने सुरक्षित लैंडिंग की और सभी यात्रियों को सकुशल बाहर निकाल लिया गया। इसके बाद विमान को तकनीकी जांच के लिए मेंटेनेंस टीम को सौंप दिया गया। विशेषज्ञ अब इंजन में आई खराबी के कारणों की विस्तृत जांच करेंगे।
चतरा एयर एम्बुलेंस हादसा: सातों शव बरामद
Delhi इसी बीच झारखंड के चतरा जिले में हुए एयर एम्बुलेंस हादसे से जुड़ी दुखद खबर भी सामने आई है। रांची से दिल्ली आ रही एक एयर एम्बुलेंस का संपर्क उड़ान भरने के कुछ ही मिनट बाद टूट गया था। बाद में सिमरिया क्षेत्र के पास उसका मलबा बरामद हुआ।
मंगलवार सुबह बचाव दल ने घटनास्थल से सभी सात लोगों के शव निकाल लिए। बताया जा रहा है कि विमान ने शाम को उड़ान भरी थी और कुछ ही समय बाद नियंत्रण कक्ष से संपर्क समाप्त हो गया था। हादसे के कारणों की जांच के लिए तकनीकी विशेषज्ञों की टीम मौके पर पहुंच रही है।
दोनों घटनाओं ने विमानन सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। जहां एक ओर दिल्ली में सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया, वहीं चतरा की घटना ने सुरक्षा मानकों की गहन समीक्षा की आवश्यकता को रेखांकित किया है।
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