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Report by: Santosh Sarabagi

Dabra : ग्वालियर जिले के डबरा में अपराध मुक्त वातावरण और सुदृढ़ कानून व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पुलिस प्रशासन ने अपना अब तक का सबसे सख्त रुख अख्तियार किया है। गुरुवार को डबरा सिटी और देहात पुलिस की संयुक्त टीम ने शहर के चप्पे-चप्पे पर सघन चेकिंग अभियान चलाकर नशे के सौदागरों और अवैध गतिविधियों में लिप्त असामाजिक तत्वों की कमर तोड़ दी। इस बड़ी कार्रवाई का नेतृत्व खुद आईपीएस मनोज कुमार और एसडीओपी सौरभ कुमार कर रहे थे, जिन्होंने स्पष्ट कर दिया कि डबरा की शांति भंग करने वालों की जगह अब केवल जेल की सलाखों के पीछे होगी।

Dabra सड़कों पर पुलिस का पहरा: संदिग्ध वाहनों की सघन घेराबंदी

अभियान की शुरुआत शहर के मुख्य चौराहों और प्रवेश द्वारों पर की गई। डबरा सिटी पुलिस और देहात पुलिस की टीमों ने मिलकर संदिग्ध दिखने वाले दोपहिया और चार पहिया वाहनों की बारीकी से तलाशी ली। इस दौरान न केवल वाहनों के दस्तावेजों का सत्यापन किया गया, बल्कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों और संदिग्ध रूप से घूमने वाले युवकों पर कड़ी कार्रवाई की गई। पुलिस की इस मुस्तैदी को देखकर बिना हेलमेट और बिना कागजात के वाहन चलाने वालों में हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने दो टूक शब्दों में कहा कि सड़कों पर हुड़दंग और संदिग्ध गतिविधियां किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।

Dabra दुकानों की आड़ में ‘नशे’ पर प्रहार: किराना स्टोर भी जांच के घेरे में

इस बार पुलिस की कार्रवाई केवल सड़कों तक सीमित नहीं रही। टीम ने शहर के विभिन्न बाजारों में स्थित जनरल स्टोर और किराना दुकानों का भी औचक निरीक्षण किया। इस चेकिंग का मुख्य उद्देश्य NDPS (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस) एक्ट से जुड़ी अवैध गतिविधियों का पता लगाना था। पुलिस ने दुकानदारों के स्टॉक की जांच की और उन्हें सख्त चेतावनी दी कि यदि दैनिक उपयोग की वस्तुओं की आड़ में नशीले पदार्थों, नशीली गोलियों या अन्य प्रतिबंधित सामग्रियों की बिक्री पाई गई, तो दुकान सील करने के साथ-साथ कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Dabra “सिफारिश और दबाव बेअसर”: सीधे जेल जाएंगे अपराधी

चेकिंग के दौरान आईपीएस मनोज कुमार और एसडीओपी सौरभ कुमार ने क्षेत्र के असामाजिक तत्वों और उनके संरक्षकों को एक कड़ा और सीधा संदेश दिया। अधिकारियों ने कहा कि डबरा क्षेत्र में नशे का कारोबार करने वालों, अवैध हथियार रखने वालों या अन्य गैरकानूनी कृत्यों में शामिल लोगों के खिलाफ पुलिस अब ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम करेगी। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि “कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार की सिफारिश, राजनैतिक दबाव या प्रभाव को स्वीकार नहीं किया जाएगा। जो दोषी है, वह सीधे जेल जाएगा।” इस घोषणा ने उन तत्वों के हौसले पस्त कर दिए हैं जो अक्सर रसूख के दम पर बच निकलते थे।

Dabra जन-भागीदारी से सुरक्षा: पुलिस की जनता से विशेष अपील

अभियान के दौरान पुलिस ने केवल अपराधियों को डराया ही नहीं, बल्कि आम नागरिकों के साथ संवाद कर उनमें सुरक्षा की भावना भी जगाई। अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की कि वे पुलिस की ‘आंख और कान’ बनें। यदि किसी को भी अपने मोहल्ले या क्षेत्र में नशे की बिक्री, संदिग्ध लोगों की आवाजाही या अवैध हथियारों के बारे में जानकारी मिलती है, तो वे तत्काल पुलिस को सूचित करें। पुलिस ने भरोसा दिलाया कि सूचना देने वाले का नाम और पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी। प्रशासन का मानना है कि जनता के सहयोग से ही डबरा को पूरी तरह नशा मुक्त बनाया जा सकता है।

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