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by-Ravindra Sikarwar

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद अनुराग ठाकुर का एक बयान विवाद का विषय बन गया है, जिसमें उन्होंने स्कूली बच्चों से कहा कि “हनुमान जी पहले अंतरिक्ष यात्री थे।” यह टिप्पणी उन्होंने एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान की, जहां वे छात्रों से बातचीत कर रहे थे। इस बयान के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में एक नई बहस छिड़ गई है। कुछ लोग इसे पौराणिक कथाओं को इतिहास के रूप में पेश करने का प्रयास बता रहे हैं, जबकि उनके समर्थक इसे संस्कृति और धर्म से जुड़ा एक सामान्य बयान मान रहे हैं।

अनुराग ठाकुर का बयान:
यह घटना हिमाचल प्रदेश में एक स्कूल कार्यक्रम के दौरान हुई, जहां अनुराग ठाकुर बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित थे। बच्चों को संबोधित करते हुए, उन्होंने आधुनिक विज्ञान और भारतीय संस्कृति के बीच संबंध स्थापित करने की कोशिश की। इसी दौरान उन्होंने कहा, “जब हम अंतरिक्ष यात्री की बात करते हैं, तो हमारे दिमाग में राकेश शर्मा या नील आर्मस्ट्रांग जैसे नाम आते हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि हमारे धर्मग्रंथों के अनुसार, हनुमान जी पहले थे जो अंतरिक्ष में गए थे? उन्होंने रामायण काल में सूर्य को निगल लिया था और लंका तक उड़ान भरी थी।”

विवाद और प्रतिक्रियाएं:
इस बयान के तुरंत बाद, विपक्षी दलों और कई शिक्षाविदों ने इसकी कड़ी आलोचना की।

  • विपक्षी दलों का हमला: कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों ने अनुराग ठाकुर पर बच्चों को गुमराह करने और शिक्षा का भगवाकरण करने का आरोप लगाया। एक कांग्रेस नेता ने ट्वीट किया, “यह विज्ञान और इतिहास के साथ खिलवाड़ है। बच्चों को पौराणिक कथाओं और वैज्ञानिक तथ्यों के बीच अंतर सिखाना चाहिए, न कि दोनों को एक ही बताना चाहिए।”
  • शिक्षाविदों की चिंता: कई शिक्षाविदों और वैज्ञानिकों ने भी इस पर चिंता व्यक्त की। उनका मानना है कि इस तरह के बयान छात्रों में वैज्ञानिक सोच और तार्किक क्षमता को प्रभावित कर सकते हैं। उन्होंने जोर दिया कि पौराणिक कथाओं का सम्मान किया जाना चाहिए, लेकिन उन्हें विज्ञान और इतिहास के रूप में नहीं पढ़ाया जाना चाहिए।
  • सोशल मीडिया पर बहस: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी यह मुद्दा गरमा गया है। कुछ यूजर्स ने अनुराग ठाकुर का समर्थन किया और कहा कि यह उनकी आस्था का मामला है। उन्होंने तर्क दिया कि हनुमान जी का उल्लेख रामायण में एक अलौकिक शक्ति के रूप में किया गया है, और इसे उस संदर्भ में ही देखा जाना चाहिए। वहीं, कई अन्य लोगों ने इसे हास्यास्पद और गैर-जिम्मेदाराना बताया।

भाजपा का बचाव:
भाजपा ने अनुराग ठाकुर का बचाव करते हुए कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया है। पार्टी के एक प्रवक्ता ने कहा, “अनुराग ठाकुर ने सिर्फ एक पौराणिक संदर्भ का उदाहरण दिया था। हमारा उद्देश्य बच्चों को अपनी संस्कृति और धर्म से जोड़ना था। इसे राजनीतिक मुद्दा बनाना विपक्ष की संकीर्ण मानसिकता को दर्शाता है।”

यह घटना एक बार फिर से पौराणिक कथाओं, धर्म और विज्ञान के बीच की रेखा को लेकर बहस को उजागर करती है, और यह भी दर्शाती है कि सार्वजनिक पदों पर बैठे व्यक्तियों के बयानों का कितना गहरा प्रभाव पड़ सकता है।