Cold Wave: कोहरे और ठंडी हवाओं ने बढ़ाई कंपकंपी, फरवरी की शुरुआत तक राहत के संकेत नहीं
राजधानी भोपाल में एक बार फिर सर्दी ने अपना तीखा रूप दिखाना शुरू कर दिया है। उत्तर भारत से सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ और ऊंचाई पर बह रही तेज जेट स्ट्रीम हवाओं के चलते बीते 24 घंटों में तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। न्यूनतम तापमान करीब 3 डिग्री सेल्सियस तक नीचे चला गया, जिससे सुबह और रात के समय ठिठुरन काफी बढ़ गई है।
बीते दिनों हुई हल्की बूंदाबांदी के बाद वातावरण में नमी बढ़ गई, जिसने ठंड के असर को और तीव्र कर दिया। इसका नतीजा यह रहा कि गुरुवार देर रात से लेकर सुबह तक भोपाल घने कोहरे की चादर में लिपटा रहा। मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को भी सुबह के समय हल्के से मध्यम कोहरे की स्थिति बनी रह सकती है और लोगों को फिलहाल ठंड से राहत मिलने की संभावना कम है।
Cold Wave: तापमान में उतार-चढ़ाव
गुरुवार की तुलना में शुक्रवार को भोपाल का न्यूनतम तापमान और नीचे गिरकर लगभग 11 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि एक दिन पहले यह 14 डिग्री के आसपास था। हालांकि अधिकतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं देखा गया और यह लगभग 23.3 डिग्री सेल्सियस के करीब बना रहा। तापमान के इस अंतर के कारण दिन में हल्की गर्मी और सुबह-शाम तेज ठंड का एहसास हो रहा है।
प्रदेशभर में ठंड का असर
मध्य प्रदेश के कई जिलों में भी ठंड का प्रभाव साफ नजर आया। गुरुवार को भोपाल में सुबह करीब 12 बजे तक कोहरा छाया रहा और दृश्यता 1 से 2 किलोमीटर के बीच बनी रही। मौसम विभाग का अनुमान है कि शुक्रवार सुबह भी ऐसे ही हालात रह सकते हैं। प्रदेश के उत्तरी और मध्य हिस्सों में कोहरे का प्रभाव ज्यादा देखा जा रहा है। भोपाल के साथ विदिशा, सीहोर, राजगढ़, शाजापुर, आगर, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, रीवा और मऊगंज में मध्यम कोहरे की चेतावनी जारी की गई है। शहडोल, कटनी, दमोह और सागर में घने कोहरे की स्थिति बन सकती है।
कहां कितना गिरा पारा
प्रदेश के कुछ शहरों में न्यूनतम तापमान काफी नीचे चला गया है। मंदसौर में 4.6 डिग्री, पचमढ़ी में 5.8 डिग्री, मारूखेड़ा (नीमच) में 7.5 डिग्री, धार में 8.0 डिग्री और रतलाम में 8.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।
मौसम में बदलाव की वजह
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पूर्वोत्तर ईरान के ऊपर एक नया पश्चिमी विक्षोभ चक्रवाती परिसंचरण के रूप में सक्रिय है। यह समुद्र तल से लगभग 4.5 से 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई पर स्थित है। इसके साथ ही करीब 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर 240 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक रफ्तार वाली उपोष्णकटिबंधीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम हवाएं चल रही हैं। इन्हीं कारणों से उत्तर भारत के साथ-साथ मध्य प्रदेश में ठंडी हवाओं का प्रभाव बढ़ गया है। विभाग का अनुमान है कि 2 फरवरी से एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जिससे ठंड का दौर अभी कुछ और दिन जारी रहने की संभावना है।
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