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By: Ravindra Sikarwar

Wheather news: मध्यप्रदेश में शीतलहर, घने कोहरे और कड़ाके की ठंड ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में सोमवार को सीजन का सबसे घना कोहरा देखा गया, जिससे विजिबिलिटी 20 मीटर से भी कम रह गई। इस कड़क ठंड का असर पचमढ़ी में बर्फ जमने तक देखा गया, जहां गाड़ियों की सीटों और घास पर बर्फ की परत जमी हुई थी। वहीं, छतरपुर जिले के नौगांव में न्यूनतम तापमान 1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

स्कूलों में अवकाश और बदलते समय

मौसम की स्थिति को देखते हुए राज्य के 19 जिलों में नर्सरी से लेकर आठवीं कक्षा तक के स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई है। इसके अलावा, भोपाल और धार में स्कूलों का समय बदला गया है और अब स्कूल सुबह 9:30 बजे के बाद खोले जाएंगे। ठंड के कारण बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है।

कोहरे के कारण सड़क और हवाई यातायात प्रभावित

घना कोहरा केवल दैनिक जीवन को प्रभावित नहीं कर रहा है, बल्कि यह यातायात के लिए भी बड़ा खतरा बन चुका है। बड़वानी जिले के अंजड़ थाना क्षेत्र में कोहरे के कारण सांची दूध का टैंकर पलट गया, जिससे एक व्यक्ति की मौत हो गई और एक अन्य घायल हुआ। इस दुर्घटना में हजारों लीटर दूध सड़क पर बह गया, और एक बिजली पोल भी क्षतिग्रस्त हो गया।

इसके अलावा, इंदौर एयरपोर्ट पर लगातार तीसरे दिन हवाई सेवाएं प्रभावित रही, जिससे फ्लाइटों में देरी हुई और कई उड़ानें रद्द हो गईं। सड़क मार्गों पर भी वाहन धीमे गति से चल रहे थे, खासकर बिजासन घाट जैसे इलाकों में।

शीतलहर और कोल्ड वेव का अलर्ट जारी

मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक शीतलहर और घने कोहरे की स्थिति बनी रहने की संभावना जताई है। कई जिलों में कोल्ड वेव का अलर्ट भी जारी किया गया है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें, खासकर सुबह और शाम के समय। इसके साथ ही विशेषज्ञों ने गर्म कपड़े पहनने और विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।

सरकार द्वारा राहत कार्य शुरू

कई नगर निगमों ने सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाने और जरूरतमंदों को राहत पहुंचाने के निर्देश जारी किए हैं। इस कठिन मौसम में नागरिकों की मदद करने के लिए राज्य प्रशासन ने राहत कार्य तेज कर दिए हैं।

मध्यप्रदेश में शीतलहर, ठंड और कोहरे का असर जीवन के विभिन्न पहलुओं पर दिख रहा है। मौसम की स्थिति को देखते हुए सुरक्षा और राहत कार्यों में तेजी लाने की आवश्यकता है। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे इस मौसम में विशेष सावधानी बरतें और अनावश्यक यात्रा से बचें।