Chhattisgarh : खैरागढ़ जिले में शिक्षा विभाग से जुड़ा एक गंभीर फर्जीवाड़ा सामने आया है। राज्य शिक्षा आयोग और शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. ओ.पी. मिश्रा के नाम से जारी किए गए नकली नियुक्ति पत्रों की मदद से वर्ष 2021 से आठ लोग अलग-अलग सरकारी कार्यालयों और स्कूलों में नौकरी कर रहे थे। मामले का खुलासा होने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी लाल जी द्विवेदी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए चार कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया।
Chhattisgarh फर्जी लेटर के सहारे चल रही थी नौकरी
बताया जा रहा है कि खुलासा होने के बाद ये कर्मचारी अलग-अलग बहाने बनाकर अवकाश पर चले गए थे। इस पूरे मामले को सबसे पहले विस्तार समाचार ने उजागर किया, जिसके बाद विभागीय स्तर पर जांच तेज हो गई। फर्जी नियुक्ति पत्रों के आधार पर खैरागढ़ जिले के मोहगांव में टीकम साहू, उच्चतर माध्यमिक शाला बकरकट्टा में फगेंद्र सिन्हा, उच्चतर माध्यमिक शाला पैलिमेटा में रजिया अहमद और अजहर अहमद को विभिन्न सरकारी कार्यालयों में पदस्थ किया गया।

Chhattisgarh खैरागढ़ थाना में दर्ज हुई FIR
बर्खास्तगी के बाद जिला शिक्षा अधिकारी की शिकायत पर खैरागढ़ थाना में चारों कर्मचारियों के खिलाफ FIR दर्ज कर दी गई। पुलिस ने आरोपियों पर IPC की धारा 420, 476, 468, 471 और 120(B) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और फर्जी नियुक्ति पत्र जारी करने वाले नेटवर्क की भी पड़ताल की जा रही है।
अन्य जिलों में फर्जी नियुक्तियों का खुलासा
मोहला जिले में भी फर्जी नियुक्तियों का पता चला, जिसमें डोलामणी मटारी, शादाब उस्मान, आशुतोष कछवाहा और मोहम्मद अमीन शेख अलग-अलग स्कूलों में कार्यरत पाए गए। खैरागढ़ जिला गठन के बाद रजिया अहमद को कलेक्ट्रेट DMF शाखा में और अजहर अहमद को अभियोजन शाखा में लगाया गया, जबकि फगेंद्र सिन्हा और टीकम साहू DEO कार्यालय में कार्यरत थे।
यह घटना दर्शाती है कि सरकारी नौकरियों में भी फर्जी नेटवर्क सक्रिय हैं और सतर्कता तथा जांच की आवश्यकता है।
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