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By: Yogendra Singh

Chenari : रोहतास जिले के चेनारी अंचल कार्यालय की कार्यशैली इन दिनों चर्चा और आलोचना का विषय बनी हुई है। भूमि संबंधी मामलों में देरी और कथित लापरवाही को लेकर ग्रामीणों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। किसानों और आम नागरिकों का आरोप है कि राजस्व से जुड़े कार्य समय पर नहीं हो रहे, जिससे उन्हें बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

मामला अब स्थानीय स्तर से आगे बढ़कर राजनीतिक मंच तक पहुंच गया है। क्षेत्रीय विधायक ने भी इस मुद्दे को सदन में उठाते हुए प्रशासन से जवाब मांगा है।

भूमि विवाद और राजस्व कार्यों में बढ़ी परेशानी

Chenari जानकारी के अनुसार, चेनारी अंचल में परिमार्जन, परिमार्जन प्लस, दाखिल-खारिज और भूमि अधिग्रहण से जुड़े मामलों में काफी विलंब हो रहा है। डिजिटल सुधार प्रक्रियाओं में देरी के कारण किसानों की जमीन के रिकॉर्ड अपडेट नहीं हो पा रहे हैं। इससे न केवल कागजी कार्य अटके हैं, बल्कि बैंकिंग और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में भी दिक्कतें आ रही हैं।

किसानों का कहना है कि भूमि विवादों के समाधान में भी अपेक्षित तेजी नहीं दिखाई जा रही। कई मामले महीनों से लंबित पड़े हैं, जिससे ग्रामीणों को आर्थिक और मानसिक दोनों तरह की परेशानी झेलनी पड़ रही है।

एक्सप्रेसवे निर्माण में मुआवजे को लेकर असंतोष

Chenari वाराणसी-रांची एक्सप्रेसवे परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी प्रभावित बताई जा रही है। किसानों का आरोप है कि अधिग्रहित जमीन का मुआवजा समय पर नहीं मिल रहा। कई प्रभावित परिवार भुगतान के इंतजार में हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि स्पष्ट जानकारी और पारदर्शिता की कमी के कारण भ्रम की स्थिति बनी हुई है। मुआवजा राशि, दस्तावेजी प्रक्रिया और सत्यापन में देरी से किसानों की आजीविका पर असर पड़ रहा है।

विधायक मुरारी प्रसाद गौतम ने सदन में उठाया मुद्दा

Chenari क्षेत्र के विधायक मुरारी प्रसाद गौतम ने अंचल अधिकारी की कार्यप्रणाली को लेकर विधानसभा में सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक उदासीनता के कारण ग्रामीणों को अनावश्यक रूप से परेशान होना पड़ रहा है।

विधायक ने आरोप लगाया कि भूमि से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही का अभाव है। उन्होंने सरकार से मांग की कि लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा किया जाए और किसानों को उनका हक समय पर मिले।

स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि सदन में मामला उठने के बाद प्रशासन सक्रिय होगा और लंबित फाइलों का निपटारा तेजी से किया जाएगा। फिलहाल ग्रामीण अंचल कार्यालय की कार्यप्रणाली में सुधार की प्रतीक्षा कर रहे हैं, ताकि उन्हें अपने अधिकारों के लिए बार-बार चक्कर न लगाने पड़ें।

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